अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के सदुपयोग की दिशा में बड़ा कदम-
भारत सरकार के डाक विभाग (India Post) और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) संपन्न हुआ। यह समझौता दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया, जिसमें डायरेक्टर जनरल (पोस्ट्स) श्री जितेन्द्र गुप्ता, एनबीसीसी के निदेशक (वाणिज्यिक) डॉ. सुमन कुमार, तथा डाक विभाग और एनबीसीसी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एमओयू का उद्देश्य: अप्रयुक्त संपत्तियों का मूल्य बढ़ाना-
इस समझौता ज्ञापन (MoU) का मुख्य उद्देश्य है – डाक विभाग की ऐसी संपत्तियों और भूमि क्षेत्रों की पहचान करना जो वर्तमान में अप्रयुक्त या कम उपयोग में हैं। एनबीसीसी इन परिसंपत्तियों की व्यवहार्यता (feasibility) का अध्ययन करेगा ताकि उनके बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकें।
दीर्घकालिक लाभ के लिए रणनीतिक योजना-
यह पहल डाक विभाग की परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक मूल्य को बढ़ाने और उन्हें व्यावसायिक दृष्टिकोण से अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इससे सरकार की अचल संपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा और आर्थिक दृष्टि से भी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
डाक विभाग और एनबीसीसी की साझेदारी से होगा ‘पोस्ट से विकास’
इस साझेदारी को ‘#PostSeVikas’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जिससे यह संदेश जाता है कि अब डाक विभाग केवल डाक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विकास और आर्थिक उपयोग की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
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डाक विभाग और एनबीसीसी के अधिकारियों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए वरिष्ठ अधिकारी। यह साझेदारी संपत्तियों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
India Post and NBCC Sign MoU to Explore Utilization of Unused Properties and Unlock Long-Term Value