चलंत प्रतिमा और मंदिरनुमा भव्य पंडाल होंगे आकर्षण का केंद्र, सीसीटीवी से होगी निगरानी
देश वाणी ।अनिल कुमार शर्मा
मझौलिया। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को जूथा लाल संस्कृत महाविद्यालय परिसर में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। आचार्य डॉ. विंध्यवासिनी तिवारी के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई। इस दौरान यजमान के रूप में रंजन कुमार पटेल उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने मां को फूल, अक्षत, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। पूजा-अर्चना के साथ ही पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पूजा
आचार्य डॉ. विंध्यवासिनी तिवारी ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
46 वर्षों से हो रहा दुर्गा पूजा का आयोजन
दुर्गा पूजा समिति के सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मझौलिया में पिछले 46 वर्षों से श्रद्धा और उत्साह के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष मुजफ्फरपुर से बुलाए गए मूर्तिकार अजय पंडित मां दुर्गा की चलंत प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। पिछले दस वर्षों से यहां चलंत प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है।
मंदिर की तर्ज पर सज रहा भव्य पंडाल
समिति सचिव ने बताया कि पूजा पंडाल को भव्य स्वरूप देने के लिए शिवम टेंट हाउस की ओर से मंदिर की तर्ज पर सजावट की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडाल से लेकर मेला परिसर तक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
सप्तमी को निकलेगी डोली यात्रा, खुलेगा मां का पट
समिति सचिव के अनुसार, 17 अक्टूबर को सप्तमी के दिन डोली यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां दुर्गा का पट खोला जाएगा और दशहरा मेले का शुभारंभ होगा। मेला सप्तमी से पूर्णिमा तक चलेगा। वहीं, दशमी से पूर्णिमा तक प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
नवरात्र और दशहरा मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। समिति की ओर से आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने की तैयारियां की जा रही हैं।



