HomeBIHARमोतिहारीगांँधी-शास्त्री जयंती पर बच्चों को मिली शिक्षा की सौगात

गांँधी-शास्त्री जयंती पर बच्चों को मिली शिक्षा की सौगात

*भारत विकास परिषद ने 112 जरूरतमंद बच्चों के बीच बांँटी पाठ्य सामग्री, विद्यालय परिसर में किया पौधरोपण

रक्सौल।अनिल कुमार। राष्ट्रपिता महात्मा गांँधी की 157 वीं एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122 वीं जयंती के पुनीत अवसर पर भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल ने सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। शुक्रवार को रक्सौल अनुमंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत राज धनगढ़वा कौड़िहार स्थित प्राथमिक राजकीय विद्यालय, धनगढ़वा में परिषद की ओर से वंचित वर्ग, जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 112 बच्चों के बीच किताबें, कॉपियां, पेन, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गयी। पाठ्य सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी और उत्साह से खिल उठे। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी तथा वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि देश के महान विभूतियों को स्मरण करने के साथ उनके कृतित्व, व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति अतुलनीय योगदान को देश के भविष्य इन बच्चों के जीवन में उतारने की दिशा में विद्यालय के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामूहिक प्रयासों से ही देश को परम वैभव की ओर अग्रसर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक समानता और सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधक नहीं बनना चाहिए। समाज के सक्षम लोगों का भी दायित्व है कि वे जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में किताब देना केवल पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने का प्रयास है। शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

इस अवसर पर परिषद की ओर से विद्यालय की प्रधान शिक्षिका रोशनी कुमारी को अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न एवं ‘भारत को जानो’ पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रधान शिक्षिका ने भारत विकास परिषद की पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य जरूरतमंद बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनके शैक्षणिक भविष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम संयोजक सुनील कुमार ने बच्चों को नियमित अध्ययन करने, अच्छे संस्कार अपनाने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण संयोजक विजय कुमार साह ने शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।

वहीं परिषद के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि भारत विकास परिषद “सम्पर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण” के मूल मंत्र के साथ समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंँचकर निरंतर सेवा कार्य कर रही है। वहीं संगठन सचिव अजय कुमार ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षा एवं सामाजिक समानता संबंधी विचारों से भी अवगत कराया गया। बच्चों से शिक्षित होकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

गांँधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्य में शिक्षा की ज्योति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। परिषद के सदस्यों ने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।

मौके पर परिषद के सुनील कुमार, अजय कुमार, विजय कुमार साह, बिमल कुमार सर्राफ एवं सुरेश धानोठिया सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं राजकिशोर पासवान, राजकिशोर राम, नसरीन खातून, सिम्पल शुक्ला, कंचन कुमारी आदि उपस्थित रहे।

इसकी जानकारी परिषद के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी है।

फोटो -गांँधी-शास्त्री जयंती पर बच्चों को मिली शिक्षा की सौगात

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