बेतिया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150वें वर्ष के अवसर पर बाबा हरिदास नागा सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर, राज ड्योढ़ी परिसर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की व्यवस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से की गई।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्य विनीता कुमारी, आचार्यों, अभिभावकों एवं उपस्थित गणमान्य लोगों ने मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्पण कर किया। निर्धारित समय पर विद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों, प्रबुद्धजनों, मातृशक्ति एवं स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सस्वर गायन किया।
सामूहिक स्वर से गूंज उठा परिसर
सैकड़ों लोगों के सामूहिक स्वर से विद्यालय परिसर और आसपास का वातावरण गूंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
ऐतिहासिक महत्व पर डाला प्रकाश
स्थानीय समिति के कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत भारतीयों में त्याग, स्वाभिमान एवं बलिदान की भावना जगाने वाले महत्वपूर्ण प्रतीकों में रहा है। उन्होंने कहा कि रचना के 150वें वर्ष के अवसर पर सामूहिक गायन के माध्यम से नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का संकल्प लिया गया है।
इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य अर्जुन कुशवाहा, रोहित राज, बंका यादव, बृजेश पांडेय, अभिभावक अल्का कुमारी, चंद्रमणि शर्मा, ऋतु मिश्रा, चंदन कुमार, सागर कुमार, चांदनी कुमारी सहित अन्य गणमान्य लोगों की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।



