*18 एंबुलेंस से बच्चों को रक्सौल लाया गया, 25 सितंबर तक चलेगा सर्जरी शिविर
रक्सौल।अनिल कुमार। उत्तर बिहार के छह जिलों से कटे होंठ, कटे तालू एवं टंग-टाई की समस्या से प्रभावित करीब 60 बच्चे रविवार को अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ डंकन अस्पताल, रक्सौल पहुंचे। बच्चों के लिए अस्पताल में नि:शुल्क क्लेफ्ट सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में बच्चों की आवश्यक जांच, स्क्रीनिंग एवं सर्जरी की प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में की जा रही है।
बताया गया कि पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा जिले से बच्चों को उनके संबंधित जिला मुख्यालयों से 18 एंबुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से रक्सौल लाया गया। इस दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें भी बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ मौजूद रहीं। समन्वित व्यवस्था के तहत बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से डंकन अस्पताल तक पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर बच्चों एवं उनके माता-पिता का डॉ. प्रभु जोसेफ, प्रबंध निदेशक, डंकन अस्पताल, रक्सौल सहित अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों तथा लव विदाउट रीएसोन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। इसके बाद बच्चों का पंजीकरण कराने के साथ चिकित्सकीय स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सर्जरी की प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगी। शिविर के दौरान मरीजों को आवश्यक सर्जिकल एवं उपचार संबंधी सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। बच्चों की सर्जरी से पहले चिकित्सकों द्वारा उनकी स्वास्थ्य स्थिति एवं ऑपरेशन के लिए आवश्यक मानकों की जांच की जा रही है।
यह शिविर डंकन अस्पताल, रक्सौल द्वारा के लव विदाउट रीएसोन फाउंडेशन सहयोग तथा आरबीएसके टीमों के समर्थन से आयोजित किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को जन्मजात क्लेफ्ट संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा एवं सर्जिकल उपचार उपलब्ध कराना है।
शिविर में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक भी बच्चों एवं उनके परिजनों की सहायता में जुटे हुए हैं। दूर-दराज के जिलों से पहुंचे परिवारों के लिए पंजीकरण, जांच, अस्पताल में मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
बच्चों के परिजनों ने नि:शुल्क सर्जरी की सुविधा मिलने पर राहत और खुशी जताई। अभिभावकों का कहना था कि आर्थिक कारणों से कई परिवार अपने बच्चों का समुचित उपचार नहीं करा पाते हैं। ऐसे में नि:शुल्क सर्जरी उनके बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।
आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि क्लेफ्ट समस्या से प्रभावित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और जीवन की बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना है। इसके माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि जन्मजात क्लेफ्ट समस्या से प्रभावित जरूरतमंद बच्चों को समय पर उचित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
फोटो -छह जिलों से 60 बच्चे पहुंचे डंकन अस्पताल, नि:शुल्क होगी क्लेफ्ट सर्जरी
*18 एंबुलेंस से बच्चों को रक्सौल लाया



