HomeBIHARमोतिहारीगांव के सामाजिक-आर्थिक हालात जानने पहुंचीं फॉरेस्ट्री छात्राएं

गांव के सामाजिक-आर्थिक हालात जानने पहुंचीं फॉरेस्ट्री छात्राएं

-रावे कार्यक्रम के तहत जमुनियागढ़ गांव में तीन दिवसीय सर्वेक्षण, खेती, परिवार व वन संसाधनों की जुटाई जानकारी

माला सिन्हा

पीपराकोठी : कृषि महाविद्यालय, पीपराकोठी के चतुर्थ वर्ष, सातवें सेमेस्टर की फॉरेस्ट्री की 15 छात्राएं सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे एवं विलेज अटैचमेंट तथा फॉरेस्ट्री वर्क एक्सपीरियंस कार्यक्रम के तहत जमुनियागढ़ गांव में तीन दिवसीय सर्वेक्षण कर रही हैं. सर्वेक्षण का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डा अरविन्द कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था एवं वन संसाधनों की वास्तविक स्थिति को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है. सर्वेक्षण के पहले दिन छात्राओं ने गांव का ट्रांजिट वॉक कर सड़क, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, नदी-नहर, पेड़-पौधों सहित आसपास उपलब्ध विभिन्न संसाधनों का अवलोकन किया. इस दौरान छात्राओं ने गांव की भौगोलिक एवं सामाजिक स्थिति को समझने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी भी एकत्र की. दूसरे दिन छात्राओं ने ग्रामीण परिवारों से सीधे संवाद कर परिवार की संरचना, जमीन, खेती, पशुपालन, आय के स्रोत, वन संसाधनों के उपयोग, सरकारी योजनाओं का लाभ तथा ग्रामीणों की प्रमुख समस्याओं से संबंधित जानकारी जुटाई। प्राप्त सूचनाओं को निर्धारित सर्वे प्रपत्र में दर्ज किया गया. छात्राओं ने किसानों से खेती के तौर-तरीकों, फसल उत्पादन, सिंचाई व्यवस्था और कृषि से जुड़ी चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली. अंतिम दिन छात्राओं ने सर्वेक्षण से जुड़ी बची हुई जानकारियों को जुटाकर कार्य को पूरा किया. इस दौरान उन्हें ग्रामीण जीवन, कृषि एवं वन संसाधनों की वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से समझने के साथ फील्ड सर्वेक्षण का व्यावहारिक अनुभव मिला. कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को ग्रामीण परिवेश से जोड़ने तथा सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की व्यावहारिक प्रक्रिया समझने का अवसर मिला.

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