-धान व मक्का की फसलों में वृद्धि, पौधों की ऊंचाई और उत्पादन संबंधी मानकों का किया मापन
फोटो : धान व मक्का की फसलों का आकलन करती छात्राएं
माला सिन्हा
पीपराकोठी : कृषि विज्ञान केंद्र में शनिवार को तिरहुत कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, ढोली की छात्राओं ने प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र का भ्रमण कर फसलों के विभिन्न कृषि मापदंडों का वैज्ञानिक तरीके से आकलन एवं अभिलेखन किया. यह गतिविधि छात्राओं के व्यावहारिक कृषि प्रशिक्षण का हिस्सा रही, जिसमें उन्होंने खेत में फसलों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करते हुए मापन की तकनीक सीखी. प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र में धान की फसल का अध्ययन करते हुए छात्राओं ने क्वाड्रेट विधि का प्रयोग किया. इसके तहत चयनित क्षेत्र में पौधों की ऊंचाई, प्रति हिल टिलर्स की संख्या तथा क्वाड्रेट में मौजूद हिल्स की संख्या का मापन कर आंकड़े दर्ज किए गए. इससे फसल की वृद्धि एवं पौधों के विकास की स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने की जानकारी छात्राओं को मिली. इसी क्रम में मक्का प्रक्षेत्र में भी विभिन्न कृषि मापदंडों का आकलन किया गया. छात्राओं ने मक्का के पौधों की ऊंचाई, भुट्टे की लंबाई एवं संख्या तथा पौधे के तने की मोटाई यानी गिर्थ का मापन किया। तने की मोटाई का सटीक मापन करने के लिए वर्नियर कैलिपर्स का उपयोग किया गया. इस दौरान छात्राओं को वर्नियर कैलिपर्स के सही उपयोग, मापन की प्रक्रिया तथा प्राप्त आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से अभिलेखित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने खेत में स्वयं मापन कर कृषि आंकड़ों को दर्ज किया. कृषि विज्ञान केंद्र के प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र में आयोजित इस व्यावहारिक गतिविधि से छात्राओं को फसल वृद्धि, पौधों की संरचना और उत्पादन क्षमता से जुड़े मापदंडों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला. इससे उनके कृषि संबंधी सैद्धांतिक ज्ञान को खेत स्तर के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिली.



