मृतक के घर पसरा मातमी सन्नाटा, बेटे समेत परिजन लगा रहे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर।
लौरिया। सऊदी अरब में बीमारी के दौरान लौरिया निवासी मजदूर ओमप्रकाश की मौत के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका पार्थिव शरीर पैतृक घर नहीं पहुंच सका है। शव के इंतजार में परिजनों की आंखें नम हैं। घर से लेकर पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार अब शव को जल्द भारत लाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठा है।
जानकारी के अनुसार, लौरिया निवासी ओमप्रकाश रोजी-रोटी कमाने के लिए सऊदी अरब गए थे। वे वहां रियाद प्रांत में पोपुलर चलाने का काम करते थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई। विदेश में मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद से ही परिजन शव को भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
मौत की खबर के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता उनके पार्थिव शरीर को घर लाने की है। परिजन इसके लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक लगातार संपर्क कर रहे हैं।
वार्ड पार्षद बद्री यादव ने बताया कि ओमप्रकाश के शव को भारत लाने के लिए स्थानीय विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री को मामले की जानकारी दी गई है। वहीं नगर परिषद के ईओ दिनेश पुरी और प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्रुति कुमारी ने भी मामले से जिला पदाधिकारी, बेतिया को अवगत कराया है।
मुख्य पार्षद सीता देवी, उपमुख्य पार्षद किशोरी देवी, संजय कुमार, लड्डू सिंह समेत अन्य लोग भी शव को जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक पहल कर रहे हैं। परिजनों ने पदाधिकारीयों के यहां आवेदन देकर भारत सरकार के स्तर से हस्तक्षेप कर ओमप्रकाश का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है।
परिजनों का कहना है कि अपनों को खोने का दर्द तो असहनीय है ही, लेकिन तीन दिन बाद भी शव के घर नहीं पहुंचने से उनकी बेचैनी और बढ़ती जा रही है। परिवार की अब एक ही इच्छा है कि ओमप्रकाश का पार्थिव शरीर जल्द उनके पैतृक घर पहुंचे, ताकि परिजन अंतिम दर्शन कर सकें और पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।



