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इंसानियत, भाईचारा , दया, ईमानदारी और आपसी सद्भाव के लिए याद किये गये पैगंबर साहब

-पैगंबर हजरत मुहम्मद की मनी जयंती

-गाजे बाजे के साथ निकली जुलुस

माला सिन्हा

पीपराकोठी : बारह रबी उल अव्वल के अवसर पर बुधवार को इस्लाम धर्मावलंबियों ने पैगंबर हजरत मुहम्मद की जयंती हर्षॉल्लास के साथ मनाया. पीपराकोठी बलथरवा, सूरजपुर, मुर्दाचल, गोविन्दापुर व कई जगह से जुलूस निकला जो जमा मस्जिद तक समाप्त किया गया. जिसमें गाजे बाजे के साथ बच्चे से लेकर युवा व सभी वर्ग आयु के लोग शामिल हुए. इस अवसर पर जुलूस में हाजी मोहम्मद शमीम आलम, मोहम्मद शम्मी अख्तर, नेसार अहमद, जावेद अख्तर, आबिद अंसारी, और कई लोग शामिल होकर शांति और शौहर्द का पैगाम भी दिया. साथ ही बताया कि इस दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के जन्मदिवस के रूप में मिलाद-उन-नबी का आयोजन किया जाता है. मुस्लिम समुदाय के लोग इस अवसर पर पैगंबर साहब के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के लिए दिए गए संदेशों को याद करते हैं. विभिन्न मस्जिदों और धार्मिक स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. लोग नमाज और इबादत के साथ दुरूद-ओ-सलाम पढ़ते हैं तथा पैगंबर साहब की शिक्षाओं पर चर्चा करते हैं. कई स्थानों पर मिलाद और जुलूस का आयोजन भी किया जाता है. जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने तथा भोजन एवं अन्य सामग्री का वितरण करने की परंपरा भी देखने को मिलती है. पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब ने इंसानियत, भाईचारे, दया, करुणा, ईमानदारी और आपसी सद्भाव का संदेश दिया. उनके जीवन से समाज में प्रेम, शांति और समानता कायम रखने की प्रेरणा मिलती है. इसलिए यह दिन केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने का अवसर भी माना जाता है. मुस्लिम समुदाय में यह दिन पैगंबर साहब की शिक्षाओं और उनके जीवन को याद करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस अवसर पर सुरक्षा को लेकर सभी जुलुस में पुलिस बल की तैनाती देखी गई.

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