मोतिहारी। पुलिस मित्र बहाली के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़ा मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात बुधवार को स्वयं कोटवा थाना पहुँचे। एसपी ने मामले में गिरफ्तार आरोपित से गहन पूछताछ की और पूरे गिरोह के कार्य करने के तरीके की जानकारी ली। इस दौरान एसपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड और ज्वाइनिंग के नाम पर युवाओं से की गयी अवैध वसूली के साक्ष्यों का अवलोकन किया।
बैंक लेन-देन और नेटवर्क की पड़ताल-
पूछताछ के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन और गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। प्रारंभिक जांच में इस फर्जीवाड़े के लिंक मुंबई तक जुड़े होने के आसार हैं। गिरोह द्वारा युवाओं को पुलिस विभाग में बहाली का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली गयी थी। मामले को लेकर बीते मंगलवार को ही कोटवा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश-
एसपी स्वर्ण प्रभात ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज गति से की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी के साथ प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह, साइबर डीएसपी अभिनव प्राशर, प्रशिक्षु डीएसपी प्रियंका कुमारी तथा डीआईयू की टीम के अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
तकनीकी साक्ष्यों से होगा पर्दाफाश-
पुलिस अब साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य अभियुक्तों की पहचान करने में जुटी है। इस सिलसिले में संदिग्ध मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किये गये हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी होने की संभावना है, जिससे इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का पूर्णतः पर्दाफाश हो सके।












