पूर्वी चंपारण के संजीत-मंजीत ने PMFME योजना से 10 लाख ऋण लेकर गुड़ उद्योग शुरू किया। शुद्ध गुड़ उत्पादन से दर्जनों युवाओं को रोजगार और किसानों को स्थानीय बाजार मिला।
30 जनवरी, मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण , बिहार) :
भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। इसी योजना का लाभ उठाकर पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड स्थित उज्जैन लोहियार गयाघाट गांव के दो सगे भाई संजीत कुमार और मंजीत कुमार ने गुड़ उत्पादन का सफल उद्योग स्थापित किया है।
दोनों भाइयों ने उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से करीब 10 लाख रुपये का ऋण लेकर गांव में आधुनिक गुड़ प्रोसेसिंग यूनिट लगायी है। इस उद्योग के माध्यम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि दर्जनों स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिला है।
इस यूनिट की खासियत यह है कि यहां बिना किसी रासायनिक पदार्थ के गन्ने के रस से शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक गुड़ तैयार किया जाता है। साधारण गुड़ के साथ-साथ पाउडर गुड़ जैसी विभिन्न वैरायटी और पैकेजिंग पर भी काम किया जा रहा है, जिससे बाजार में इसकी अच्छी मांग बनी हुई है।
संजित कुमार ने बताया कि गुड़ बनाने का काम उनके पूर्वजों से जुड़ा रहा है, लेकिन पूंजी के अभाव में वे पहले इस व्यवसाय को शुरू नहीं कर पा रहे थे। सरकार की पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने उद्योग विभाग के माध्यम से आवेदन किया और बैंक से ऋण स्वीकृत होने पर दोनों भाइयों ने मिलकर यह यूनिट शुरू की। आज यहां प्रतिदिन 4 से 5 क्विंटल गुड़ का उत्पादन हो रहा है।
इस पहल से आसपास के गन्ना किसानों को भी लाभ मिल रहा है। अब उन्हें गन्ना बेचने के लिए दूर स्थित चीनी मिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही उचित मूल्य मिल जाता है।
बिहार ग्रामीण बैंक के जिला प्रबंधक (एलडीएम) राजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि चंपारण क्षेत्र में गुड़ उद्योग की पुरानी परंपरा रही है। पीएमएफएमई योजना के तहत ऐसे उद्यमियों को चिन्हित कर छोटे खाद्य उद्योगों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
वहीं, फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों और कारीगरों का कहना है कि उन्हें गांव में ही नियमित काम और समय पर मजदूरी मिल जाती है, जिससे बाहर पलायन की जरूरत नहीं पड़ती।
संजीत और मंजीत की कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे उद्योगों के जरिए बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
इस स्टोरी फोल्डर में :
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– संजित कुमार , पीएमएफएमई लाभुक
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– मंजित कुमार ,पीएमएफएमई लाभुक का भाई
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– राजेंद्र कुमार पाण्डेय,बिहार ग्रामीण बैंक के जिला प्रबंधक (एलडीएम)
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– मनीष कुमार ,फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी
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– महेश कुमार ,फैक्ट्री का मजदूर
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– राजकुमार सिंह ,गन्ना किसान
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– कन्हैया कुमार ,गुड़ बानाने वाला कारीगर
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– कमनिष कुमार ,गुड़ बानाने वाला कारीगर
Caption :
पूर्वी चंपारण के संजीत-मंजीत ने PMFME योजना से 10 लाख ऋण लेकर गुड़ उद्योग शुरू किया। शुद्ध गुड़ उत्पादन से दर्जनों युवाओं को रोजगार और किसानों को स्थानीय बाजार मिला।
Motihari | PMFME scheme brings fortune to two workers, jaggery industry provides employment in the village












