वैशाली जिले के हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित सोना बिस्कुट फैक्ट्री में एक बीमार मजदूर की मौत हो गयी। मृतक के साथियों ने आरोप लगाया कि वह बीती रात उसकी तबीयत ख़राब हो गयी। लगभग एक घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन फैक्ट्री के गार्ड ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। गार्ड ने कथित रूप से कहा कि आधी रात को गेट खोलने का आदेश मालिक से नहीं मिला था।
29 जनवरी, हाजीपुर (वैशाली , बिहार) :
इस घटना के बाद गुस्साए लोग फैक्ट्री में तोड़फोड़ करने लगे और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के दादर गांव निवासी 35 वर्षीय चंदन पाठक के रूप में हुई है। वह अशोक पाठक के पुत्र थे और पिछले 9 साल से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है।
सूचना मिलने पर हाजीपुर औद्योगिक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, घटना के बाद फैक्ट्री के सभी गार्ड मौके से फरार हो गए। घटना के समय करीब 500 मजदूर फैक्ट्री के पास हंगामा कर रहे थे। फिलहाल मृतक के परिजन घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं।
मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री परिसर में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और बीड़ी का सेवन वर्जित है और पकड़े जाने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसके बावजूद फैक्ट्री में 5 से 7 हजार मजदूर काम करते हैं, लेकिन प्राथमिक चिकित्सा या दवा की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मजदूरों को कंपनी से बाहर जाकर इलाज कराना पड़ता है।
मजदूरों के ठेकेदार नवल किशोर मिश्रा (बेगूसराय) भी घटना के बाद फरार हैं। मृतक की मौत के बाद फैक्ट्री के मालिक भी उनसे मिलने नहीं आए।
फैक्ट्री के कारीगर निहाल सिंह ने आरोप लगाया कि मजदूरों से 8 घंटे की बजाय लगातार 72 घंटे तक काम लिया जाता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को जबरन काम कराया जाता है और रुकने पर वेतन काट लिया जाता है। निहाल सिंह ने मृतक के परिवार के लिए फैक्ट्री से 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
इस स्टोरी फोल्डर में :
बाइट – Dsp Sadar सुबोध कुमार।
Caption :
वैशाली की सोना बिस्कुट फैक्ट्री में मजदूर चंदन पाठक की मौत, गार्ड गेट नहीं खोला, मजदूरों ने फैक्ट्री में तोड़फोड़ कर विरोध किया।
Vaishali । Worker dies in Sona biscuit factory vandalized, protest












