मोतिहारी। निखिल विजय कुमार सिंह।
करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन के मिले सबूत, 17 पासबुक व 15 चेकबुक ज़ब्त
मोतिहारी। साइबर थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। रक्सौल और रामगढ़वा थाना क्षेत्र में की गयी। छापेमारी के दौरान गिरोह के सरगना समेत चार साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
म्यूल खाता (Mule Account) क्या है?
म्यूल खाता वह बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल कोई व्यक्ति अपने नाम से नहीं, बल्कि दूसरे लोगों के नाम पर साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड या अवैध लेनदेन की रकम घुमाने (ट्रांसफर करने) के लिए करता है।
सरल शब्दों में,
जो खाता पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि फ्रॉड का पैसा इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल होता है, वही म्यूल खाता कहलाता है।
गिरफ्तार आरोपितों में रामगढ़वा थाना क्षेत्र के बौधा गांव वार्ड संख्या-7 निवासी कुंदेश कुमार कुशवाहा, रक्सौल थाना क्षेत्र के हरनाही गांव निवासी नीरज कुमार, शुभम कुमार तथा रक्सौल के सभ्यतानगर निवासी मोहित राज उर्फ रोमियो शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मोहित राज उर्फ रोमियो गिरोह का मास्टरमाइंड है।
पुलिस ने आरोपितों के पास से 17 पासबुक, 15 चेकबुक, 16 एटीएम कार्ड, 4 ब्लैंक चेक, 1 क्रेडिट कार्ड और 4 मोबाइल फोन ज़ब्त किए हैं।
सूचना पर हुई कार्रवाई-
साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुंदेश कुमार कुशवाहा सीधे-साधे लोगों का बैंक खाता और सिम कार्ड इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड की रकम मंगवाता है। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गयी।
छापेमारी के दौरान कुंदेश पुलिस को चकमा देकर एक छत से दूसरी छत पर कूदने का प्रयास कर रहा था, लेकिन रामगढ़वा थाना में पदस्थापित दारोगा सुमित कुमार ने जान जोखिम में डालकर उसे पकड़ लिया।
कड़ाई से पूछताछ में कुंदेश ने गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की जानकारी दी, जिसके बाद एक-एक कर तीन अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रत्येक खाता पर मिलते थे 7 हजार रुपये
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुंदेश कुमार कुशवाहा, नीरज कुमार और शुभम कुमार का काम लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करना था।
ये सभी खाते मोहित राज उर्फ रोमियो को सौंप दिए जाते थे। इसके बदले प्रत्येक खाते पर 7 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था।
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें-
ज़ब्त पासबुक और चेकबुक की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इन खातों से जुड़े मामलों में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस को इन्वेस्टमेंट फ्रॉड सहित अन्य मामलों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं।
छापेमारी टीम में साइबर डीएसपी के अलावा दारोगा प्रत्युष कुमार विक्की, शिवम सिंह, सौरभ कुमार आजाद, रामगढ़वा थाना के दारोगा सुमित कुमार तथा सिपाही आनंद कुमार, गौतम कुमार और नीरज कुमार शामिल थे।
Motihari | Inter-state gang operating mule accounts busted, four including the kingpin arrested in Raxaul












