धार्मिक एवं आध्यात्मिक नेतृत्व संवाद में संतो से समाज को सही दिशा देने का आह्वान
पश्चिमी प्रभावों से पारिवारिक व्यवस्था और युवाओं को बचाने का आह्वान
देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। शहर के बरियारपुर स्थित एक आवासीय होटल में शनिवार को ‘धार्मिक एवं आध्यात्मिक नेतृत्व संवाद’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत और हिंदू धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-महंतों की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संतों ने अपनी आध्यात्मिक साधना और मार्गदर्शन से हमेशा समाज को शक्ति प्रदान की है।
कहा कि ऐतिहासिक चुनौतियों के बीच संतों ने समाज को दिशा देने के साथ-साथ स्वतंत्रता संघर्ष में भी अपना अमूल्य योगदान दिया है। वर्तमान समय में पश्चिमी प्रभावों से अपनी पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुरक्षित रखने के लिए संतों का आशीर्वाद एवं संरक्षण बेहद आवश्यक है। डॉ. कृष्ण गोपाल ने संतों से आग्रह किया कि वे अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शन से हिंदू समाज को संगठित करें, युवाओं को सही दिशा दिखाएं तथा उन्हें नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों से बचाने में आगे आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के बल पर भारत पुनः परम वैभव के शिखर पर पहुंचेगा।
आरएसएस के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की रही सक्रिय उपस्थिति कार्यक्रम का शुभारंभ सह प्रांत संघचालक प्रो. राजकिशोर सिंह ने विषय प्रवेश कराते हुए उपस्थित सभी संत-महात्माओं का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन करके किया। इस दौरान जिला संघचालक सुशील कुमार पाण्डेय, नगर संघचालक उदय नारायण सिंह, सह विभाग व्यवस्था प्रमुख जितेन्द्र त्रिपाठी और विश्व हिंदू परिषद के अशोक श्रीवास्तव ने संत-महात्माओं को उत्तरीय प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र सिंह और डॉ. अनुपम कुमार वर्मा ने किया। इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक संवाद में अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरि, रमपुरवा मठ के महंत बालक बाबा, त्यागी बाबा, जगदीश दास और मनोरंजन व्यास के अलावा गायत्री परिवार, जय गुरुदेव, आर्य समाज, कबीर मठ, देवराहा बाबा आश्रम तथा ब्रह्माकुमारी से जुड़े संत-महात्मा शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रविशंकर जी, प्रांत टोली सदस्य विजय जायसवाल, जिला प्रचारक शिवम सोनू, डॉ. अरुण कुमार दूबे, सतीश टंडन, रविशंकर वर्मा, अरुण सिन्हा, अभिषेक पाण्डेय, अशोक कुमार और रवि अग्रहरी सहित अन्य कई स्वयंसेवक व गणमान्य लोग मौजूद रहे।



