-बागवानी फसलों का वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
माला सिन्हा
पीपराकोठी : पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण, गोपालगंज द्वारा प्रायोजित “बागवानी फसलों की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक” विषय पर पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंम शुक्रवार को किया गया. इस कार्यक्रम में गोपालगंज जिले के 40 किसान एवं 6 एटीएम/बीटीएम प्रतिभागी भाग ले रहे हैं. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. कुंदन किशोर ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर बागवानी फसलों के उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार करने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है. उन्होंने बताया कि केले में स्कारिंग बीटल के प्रकोप को कम करने तथा बेहतर गुणवत्ता वाले फल प्राप्त करने में बैगिंग तकनीक उपयोगी सिद्ध हो सकती है. इसी प्रकार आम, लीची एवं अमरूद के फलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी बैगिंग तकनीक अपनाई जा सकती है. उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान को अपने खेतों में लागू करने तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर बागवानी को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया. इस अवसर पर डॉ. राम निवास सिंह, प्राध्यापक (पौधा रोग) ने बताया कि बागवानी फसलों में समय पर रोग प्रबंधन अपनाकर उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है. उन्होंने फसलों को रोगों से सुरक्षित रखने के लिए वैज्ञानिक एवं समयबद्ध प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला. प्रशिक्षण के पाँच दिनों के दौरान प्रतिभागियों को मखाना आधारित समेकित कृषि प्रणाली, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट हॉर्टिकल्चर, नर्सरी प्रबंधन, एप्पल बेर की खेती, अनानास के साथ अमरूद की वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा मशरूम उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी जानकारी दी जाएगी. इसके अतिरिक्त, एक्सपोजर विजिट के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रगतिशील किसानों द्वारा अपनाई जा रही समेकित कृषि प्रणालियों का अवलोकन करने तथा उनके व्यावहारिक अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है. कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी डॉ. आर. बी. शर्मा, सहायक प्राध्यापक (पौधा रोग), ने दी. अंत में डॉ. प्रवीण कुमार, सहायक प्राध्यापक, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी उपस्थित रहे.



