-डीन ने किया एनसीसी कैडेट्स को उद्यान एवं वानिकी में करियर के लिए प्रेरित
माला सिन्हा
पीपराकोठी : कक्षा 10 और 10+2 स्तर के लगभग 450 एनसीसी कैडेट्स ने बागवानी और वानिकी की तकनीकों और करियर के अवसरों को करीब से जानने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय का दौरा रविवार को किया. इस दौरान, कैडेट्स को कॉलेज, इसके शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध सुविधाओं और विस्तार से गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई. कैडेट्स ने बागवानी फसल उत्पादन, वानिकी, एकीकृत कृषि प्रणालियों, सूक्ष्म-सिंचाई तकनीकों, और महत्वपूर्ण फलों की खेती व प्रबंधन के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त की. मखाना-आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया, जो फसलों में विविधता लाने, संसाधनों के कुशल उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर प्रदान करती है. उन्हें बागवानी फसलों के ‘पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट’ और ‘वैल्यू एडिशन’ के बारे में भी बताया गया, जो फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कैडेट्स को संबोधित करते हुए, डॉ. कुंदन किशोर, डीन ने उन्हें 10+2 की पढ़ाई पूरी करने के बाद बागवानी और वानिकी को एक बेहतरीन करियर विकल्प के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह क्षेत्र पेशेवर विकास, उद्यमिता और रोजगार सृजन के लिए शानदार अवसर प्रदान करते हैं. इस अवसर पर का समन्वय डॉ. अजीत शिवानी, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. रुशल डोगरा और श्री आशुतोष ने किया और कैडेट्स को कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों और ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत शुरू की गई पहलों के बारे में जानकारी दी, जिसमें वैज्ञानिक खेती, किसानों के सशक्तिकरण और पशुधन के सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला गया.



