HomeBreakingरक्सौल में मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा

रक्सौल में मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा

* स्कार्पियो के गुप्त तहखाने से 1.8 किलो स्मैक जैसा पदार्थ बरामद

*29 पैकेट में छिपाकर रखी गई थी खेप, दो आरोपित गिरफ्तार; नेपाल के काठमांडू समेत विभिन्न जगहों पर सप्लाई करने की थी योजना

*एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर लक्ष्मीपुर चेक पोस्ट के समीप पुलिस की कार्रवाई, तस्करी नेटवर्क से जुड़े 15 लोगों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

रक्सौल।अनिल कुमार। भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में स्मैक जैसा पदार्थ बरामद किया है। जिला पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक स्कार्पियो से 1 किलो 800 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ बरामद करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बरामद पदार्थ वाहन के अंदर बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान 29 पैकेट में रखे गए मादक पदार्थ के अलावा दो मोबाइल फोन और एक हनुमानी भी बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के संभावित नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच तेज हो गई है। कार्रवाई के संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने बताया कि जिला पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में स्मैक जैसा पदार्थ एक वाहन के माध्यम से ले जाया जा रहा है। सूचना में मादक पदार्थ की तस्करी किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

गुप्त सूचना मिलते ही गठित की गई विशेष पुलिस टीम

एसडीपीओ मनीष आनंद के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम में पर्यवेक्षी पदाधिकारी निर्भय कुमार राय, रक्सौल थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो, एसआई विकास कुमार पासवान, राकेश कुमार, प्रेम कुमार और अजय कुमार को शामिल किया गया। टीम को निर्देश दिया गया कि संदिग्ध वाहन की पहचान कर उसकी जांच की जाए और तस्करी से संबंधित किसी भी गतिविधि के सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। निर्देश मिलने के बाद पुलिस टीम ने शहर के लक्ष्मीपुर चेक पोस्ट के समीप वाहन जांच अभियान शुरू किया। इस दौरान आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही थी। पुलिस को सूचना के आधार पर उस वाहन की तलाश थी, जिसके माध्यम से कथित तौर पर मादक पदार्थ की खेप ले जाई जा रही थी। इसी बीच गोरखपुर से रामगढ़वा के रास्ते रक्सौल की ओर आ रही एक स्कार्पियो पुलिस की नजर में आई। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसकी जांच शुरू की।

स्कार्पियो के अंदर बने गुप्त तहखाने में छिपाई गई थी खेप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान स्कार्पियो का रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर 05 बीयू 6417 पाया गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसके अंदर गुप्त तहखाना बनाए जाने और उसमें संदिग्ध सामग्री छिपाकर रखे जाने का पता चला। पुलिस ने जब गुप्त तहखाने की जांच की तो उसमें 29 पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में कुल 1 किलो 800 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ रखा गया था। वाहन के अंदर इस तरह से मादक पदार्थ छिपाकर रखे जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन में सवार लोगों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन और एक हनुमानी भी बरामद की गई। बरामदगी के बाद पुलिस ने मादक पदार्थ की खेप, वाहन और अन्य सामान को जांच के दायरे में लेते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वाहन में गुप्त तहखाना कब और कहां बनाया गया था, बरामद पदार्थ कहां से लाया गया था तथा इसे रक्सौल तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। हालांकि, इन बिंदुओं पर जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

दो आरोपित गिरफ्तार, अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान पलनवा थाना क्षेत्र के बहुअरवा गांव निवासी बच्चा सिंह के पुत्र संदीप कुमार तथा रक्सौल थाना क्षेत्र के मौजे वार्ड नंबर 14 निवासी ईश्वरी साह के पुत्र रमेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, उसकी आपूर्ति और संभावित खरीदारों के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह खेप किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई अन्य संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन से भी मामले से जुड़े सुराग मिलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

रक्सौल के रास्ते नेपाल के काठमांडू तक पहुंचाने की थी योजना

एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि बरामद मादक पदार्थ को रक्सौल के रास्ते नेपाल के काठमांडू सहित विभिन्न स्थानों पर खपाने की योजना थी। इस जानकारी के बाद पुलिस सीमावर्ती क्षेत्र में मादक पदार्थ की आपूर्ति से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। रक्सौल भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण आवागमन और व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में पुलिस इस मामले को केवल एक वाहन से बरामदगी तक सीमित रखकर नहीं देख रही, बल्कि खेप के स्रोत से लेकर संभावित गंतव्य तक की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्करी के लिए किन मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा था और इस काम में अन्य वाहनों या व्यक्तियों की भूमिका तो नहीं है।

तस्करी नेटवर्क से जुड़े 15 लोगों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के क्रम में तस्करी नेटवर्क से जुड़े 15 लोगों की पहचान की गई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों के बीच क्या संपर्क था, मादक पदार्थ की खेप किसके निर्देश पर लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जानी थी। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और बरामद सामान की जांच के माध्यम से इस मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मामले के सभी पहलुओं की जांच कर संभावित नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। संदीप कुमार के विरुद्ध पहले भी दर्ज है एनडीपीएस का मामला एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित संदीप कुमार के विरुद्ध पूर्व में भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ कांड संख्या 349/25 दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस उसके पूर्व के मामले और वर्तमान प्रकरण के बीच किसी संबंध की संभावना सहित उसके आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है।

कांड संख्या 477/26 दर्ज, न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपित

मामले में रक्सौल थाना कांड संख्या 477/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, तस्करी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जिला पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके विरुद्ध साक्ष्यों और कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

फोटो -रक्सौल में मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा

  • स्कार्पियो के गुप्त तहखाने से 1.8 किलो स्मैक जैसा पदार्थ बरामद
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular