देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर छोटा बरियारपुर स्थित माँ सर्वमंगला शक्तिपीठ के प्रांगण में षष्ठी तिथि के अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बिल्वाभिमंत्रण और देवी बोधन का अनुष्ठान भव्य रूप से संपन्न हुआ। वेदाध्यापक सुधीर दत्त पाराशर के आचार्यत्व में दैनिक पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं ने बाजे-गाजे के साथ माता की डोली निकालकर बिल्ववृक्ष के समीप पहुंचे और शास्त्रीय विधि से आमंत्रण एवं अधिवास की सभी रस्में पूरी कीं।
आर्षविद्या शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान (वेद विद्यालय) के प्राचार्य सुशील कुमार पाण्डेय ने इस अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नवरात्र की षष्ठी तिथि को सायंकाल बिल्ववृक्ष के पूजन से जीवन के सभी उपद्रवों की शांति, ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश और समस्त मनोरथ सिद्ध होते हैं।
उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्रभु श्री राम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले लंका विजय के लिए माँ दुर्गा के पूजन निमित्त बिल्व पूजन किया था। इसकी पूजा से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति, बल में वृद्धि, यश, विजय तथा शत्रुओं का नाश होता है। इस अनुष्ठान से क्षेत्र में अकाल का भय भी समाप्त होता है।
इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रधान यजमान संतोष दूबे सहित रुपेश कुमार ओझा, हरि सिंह, अरविन्द मिश्र, बैद्यनाथ पाण्डेय, रामदेव यादव, अरविंद पाण्डेय, मधुरेन्द्र सिंह, आदित्य चौबे, मीठू तिवारी, किशन श्रीवास्तव, अम्बिका सिंह, तरुण सिंह, रिंकू रानी और डॉ. नितेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



