-व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान एयर लेयरिंग और मशरूम स्पॉन तैयार करने का किया अभ्यास
फोटो : पौध प्रवर्धन एवं मशरूम उत्पादन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करती छात्राएं
माला सिन्हा
पीपराकोठी : रूरल एग्रीकल्चरल वर्क एक्सपीरियंस कार्यक्रम के अंतर्गत टीसीए, ढोली की छात्राओं ने कृषि विज्ञान केंद्र में पौध प्रवर्धन एवं मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को कृषि की आधुनिक एवं उपयोगी तकनीकों से परिचित कराने के साथ उन्हें प्रयोगात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना था. प्रशिक्षण के दौरान मनीष कुमार ने छात्राओं को पौधों के वानस्पतिक प्रवर्धन तथा लेयरिंग की विभिन्न विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लेयरिंग के माध्यम से कई उपयोगी पौधों का सफलतापूर्वक प्रवर्धन किया जा सकता है. इसके बाद छात्राओं ने साइट्रस पौधे में एयर लेयरिंग की तकनीक का स्वयं प्रयोग किया. इसके लिए उन्होंने कम्पोस्ट एवं मिट्टी का मिश्रण तैयार कर पौधे की उपयुक्त शाखा को एयर लेयरिंग के लिए तैयार किया. इस दौरान छात्राओं ने पौधे की शाखा के चयन से लेकर माध्यम तैयार करने और उसे शाखा पर लगाने की प्रक्रिया को समझा. इसके बाद छात्राओं ने मशरूम उत्पादन की तकनीक का भी प्रशिक्षण लिया. डॉ. गायत्री एवं संगीता के मार्गदर्शन में छात्राओं ने मशरूम स्पॉन तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की. उन्हें मशरूम की मदर कल्चर तैयार करने की विधि भी बताई गई. प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उत्पादन में स्वच्छता, उचित तापमान एवं आवश्यक सावधानियों के महत्व की जानकारी दी गई. कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से छात्राओं को कृषि की महत्वपूर्ण तकनीकों को नजदीक से समझने और स्वयं प्रयोग करने का अवसर मिला. प्रशिक्षण ने उनके सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. छात्राओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को समझने और भविष्य में उन्हें अपनाने का आत्मविश्वास बढ़ता है.



