माला सिन्हा
पीपराकोठी : स्थानीय महात्मा गाँधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान में “हिन्दी पखवाड़ा-2026” का शुभारंम सभा भवन में किया गया. जिसका मुख्य विषय “हिन्दी – संस्कृति एवं विज्ञान की धरोहर” रखा गया. कार्यक्रम की कार्यवाही संचालक डॉ. अमोल कैलाश जाधव, वैज्ञानिक द्वारा किया गया. कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के सेमिनार हॉल में आगमन, तत्पश्चात् “वन्दे मातरम्” एवं “भाकृअनुप गीत” की प्रस्तुति से हुआ. इसके उपरान्त मुख्य अतिथि, निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक आरम्भ किया गया.मुख्य अतिथि राकेश कुमार, उप-सेनानायक, सशस्त्र सीमा बल का स्वागत निदेशक द्वारा किया गया. स्वागत भाषण डॉ. एस. के. पूर्बे, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत किया. उन्होंने उपस्थित अतिथियों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए पखवाड़े के दौरान प्रस्तावित प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सभी वर्गों के कर्मचारियों से इनमें सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया. वहीं अधिकारियों एवं कर्मचारियों — वैज्ञानिक, प्रशासनिक, तकनीकी, यंग प्रोफेशनल तथा संविदा कर्मियों — द्वारा सामूहिक रूप से राजभाषा प्रतिज्ञा ली गई, जिसमें सरकारी कामकाज में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया. उद्बोधन सत्र में डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. लामेला ओझा, विष्णु क़ाज़ी एवं अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किया. वक्ताओं ने कार्यालयी पत्राचार, तकनीकी लेखन एवं कृषि प्रसार साहित्य में हिन्दी के प्रयोग की व्यावहारिक कठिनाइयों तथा उनके समाधान पर प्रकाश डाला और वैज्ञानिक शब्दावली को सरल हिन्दी में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं निदेशक महोदय डॉ राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि कृषि अनुसंधान की सार्थकता तभी है जब उसके परिणाम किसानों तक उनकी अपनी भाषा में पहुँचें. उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों के प्रसार साहित्य, प्रक्षेत्र प्रदर्शनों एवं किसान प्रशिक्षणों में हिन्दी के व्यापक प्रयोग पर बल देते हुए समस्त कर्मचारियों से अधिकाधिक कार्य हिन्दी में करने का आह्वान किया. पखवाड़े के दौरान निबन्ध लेखन, टिप्पण एवं आलेखन, वाद-विवाद, काव्य-पाठ तथा हिन्दी टंकण आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनके परिणामों की घोषणा एवं पुरस्कार वितरण समापन समारोह में किया जाएगा.



