गाड़ी से पुतला गिराकर परखी गई पुलिस की सिन रिएक्शन
Bettiah-रवि कुमार मिश्र।
बेतिया/नरकटियागंज। दिलशाद अंसारी की पुलिस कस्टडी संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को पुलिस और फोरेंसिक टीम ने बड़ा कदम उठाया। प. चम्पारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय के आदेश पर एफएसएल की टीम शिकारपुर थाना क्षेत्र के कोइरगांवा स्थित घटनास्थल पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन किया। इस डेमो प्रक्रिया के दौरान आईपीएस सह एसडीपीओ प्रसन्ना कुमार एमवी और शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। डेमो प्रक्रिया के तहत पुलिस ने दिलशाद के कद-काठी का एक पुतला तैयार कर गाड़ी में रखा। इसके बाद चलती गाड़ी की खिड़की से उस पुतले को नीचे गिराकर डेमो दिखाया गया। पुलिस का शुरू से यह तर्क रहा है कि चलती गाड़ी से खिड़की से कूदने पर व्यक्ति का सिर जमीन पर पहले टकराएगा। डेमो के दौरान भी पुतला पहले सिर के बल ही जमीन से टकराया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। एसडीपीओ सह आईपीएस प्रसन्ना कुमार एमवी ने बताया कि सीन रिक्रिएशन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इस दौरान शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के अलावा पर्यवेक्षी पदाधिकारी सह इंस्पेक्टर संतोष कुमार शर्मा, एसआई राजेश कुमार, जीवेश कुमार और घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद सहोदरा थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष रविशंकर प्रसाद व अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, बीते 12 अक्टूबर की रात करीब 2:10 बजे दिलशाद को गिरफ्तार कर सहोदरा ले जाया जा रहा था। सहोदरा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार के आवेदन पर दर्ज एफआईआर में यह दावा किया गया है कि रात करीब 2:30 बजे बेतिया-नरकटियागंज रोड पर कोइरगांवा चौक के पास दिलशाद ने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और चलती गाड़ी की बाईं खिड़की से छलांग लगा दी। इस घटना के बाद गंभीर रूप से घायल दिलशाद को पहले नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल और फिर बेतिया जीएमसीएच ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाए पुलिस गंभीर आरोप
दूसरी ओर, मृतक दिलशाद की पत्नी और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने घर से उठाकर उसकी पीट-पीटकर हत्या की है। इस घटना के बाद मामला तूल पकड़ते देख एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सहोदरा थानाध्यक्ष समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। वही बीते शनिवार को बेतिया रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने भी नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था और परिजनों के आरोपों के हर बिंदु पर जांच की बात कही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की रिपोर्ट अब न्यायिक जांच के लिए भेजी जाएगी। शुक्रवार को किया गया यह डेमो उसी जांच प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।



