ब्रेकिंग न्यूज़
राज कपूर की आरके स्टूडियो में लगी आगपीएमजी ने शुभांरभ किया मोतिहारी में 'माई स्टांप' काउंटर, बनाइए अपनी तस्वीर का डाक टिकटगोलियों से थर्राया कल्याणपुर का इलाका, पुलिस व बदमाशों के बीच घंटों मुठभेड़निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान का प्रमोशन, कैबिनेट मंत्री पद की ली शपथमोदी कैबिनेट : सभी नये चेहरे राज्यमंत्री और धर्मेंन्द्र, पीयूष, निर्मला व मुख्तार को प्रमोशनआज ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने चीन रवाना होंगे पीएम मोदीमंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों ने की प्रधानमंत्री से मुलाकातमोदी कैबिनेट विस्तार पर नीतीश का बड़ा बयान, हमलोगों को नहीं है कोई जानकारी
नेपाल
चीन नेपाल में बढ़ा रहा निवेश, 8.2 अरब डॉलर की मदद
By Deshwani | Publish Date: 21/8/2017 10:06:29 AM
चीन नेपाल में बढ़ा रहा निवेश, 8.2 अरब डॉलर की मदद

काठमांडू, (हि.स.)। चीन की रणनीति नेपाल को भारत के खिलाफ खड़ा करने की जुगत है। इसके लिए चीन ने पहले ही जमीन तैयार करनी शुरू कर दी थी। एशिया में अपने प्रभाव को बढ़ाने के मकसद से ही चीन लगातार नेपाल में अपना निवेश बढ़ाता जा रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब वह नेपाल में सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन गया है। पश्चिमी नेपाल में धारचुला की स्थिति एकदम डोकलाम की तरह ही है। धारचुला नेपाल, चीन और भारत के ट्राइजंक्शन के बीच आता है। 1814-16 में हुए ऐंगलो-नेपाली युद्ध के समय से ही भारत और नेपाल के बीच इस शहर को लेकर संधि अस्तित्व में आ गई थी। 

नेपाल की काली नदी के ऊपर बने ब्रिज से नेपाल और भारत में उत्तराखंड राज्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। 1950 में तिब्बत पर चीन के कब्जा करने से पहले धारचुला तिब्बत-नेपाल-भारत के बीच व्यापार रास्ते के लिए एक अहम शहर था। ऐसे में नेपाल में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के लिए निकट भविष्य में सिरदर्दी पैदा कर सकता है।

नेपाल में वित्त वर्ष 2017 में 15 अरब नेपाली रुपयों का विदेशी निवेश हुआ है। इसमें से आधे से भी ज्यादा यानी 8.35 अरब नेपाली रुपये का निवेश चीन ने किया है। इसी वित्त वर्ष में भारत ने नेपाल में 1.99 अरब रुपयों का निवेश किया है तो वहीं दक्षिण कोरिया ने 1.88 अरब नेपाली रुपयों का। 

इसी साल मार्च में नेपाल के इनवेस्टमेंट समिट में चीन सबसे बड़ा निवेशक बनकर उभरा। चीन ने नेपाल को 8.2 अरब डॉलर की मदद का वादा किया। वहीं नेपाल को इस समिट से 7 देशों की तरफ से कुल 13.52 अरब डॉलर का निवेश मिला। 

भारत-चीन के बीच जारी डोकलाम विवाद दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच व्यापार युद्ध में बदल सकता है। चीन की कंपनियों ने भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया है और नेपाल में 22 अरब डॉलर का व्यापार कर रही हैं। 3 साल पहले ही नेपाल के सबसे बड़े विदेशी निवेशक के तौर पर भारत को पछाड़ कर चीन सबसे बड़ा निवेशक बन गया था। 

हर टेंडर में कम से कम बोली लगाकर चीन ने नेपाल में कुछ बड़े-बड़े प्रॉजेक्ट्स अपने नाम कर लिए हैं। चाहे वह पोखरा इंटरनैशनल एयरपोर्ट हो या कुछ हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रॉजेक्ट्स, अब चीन के पास नेपाल के सबसे ज्यादा प्रॉजेक्ट्स हैं। 

आंकड़ों में देखें तो नेपाल में फिलहाल 341 बड़े प्रॉजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें से 125 चीन के पास हैं, 55 दक्षिण कोरिया के पास, 40 अमेरिका, 23 भारत, 11 यूके और 69 अन्य देशों के पास हैं।

COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS