झारखंड
सोशल मीडिया बन रहा है रेल यात्रियों की आवाज
By Deshwani | Publish Date: 1/6/2017 12:11:45 PM
सोशल मीडिया बन रहा है रेल यात्रियों की आवाज

कोडरमा, (हि.स.)। सोशल मीडिया रेल यात्रियों की आवाज बनकर सामने आया है। रेल यात्रा के दौरान लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सोशल मीडिया के माध्यम से की गई शिकायत का समाधान हो रहा है।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सराहनीय पहल पर ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया बड़ा सहारा बनकर उभर रहे हैं। यात्रियों की परेशानी एवं सवालों का निदान अधिकतम चार घंटे के अंदर किया जाता है और उन्हें कई सुविधाएं भी दिलाई जाती है। धनबाद रेल मंडल समेत पूरे जोन के सैकड़ों यात्रियों को मेडिकल सुविधा के अलावा बच्चों को दूध उपलब्ध कराने, सीट बेचने जैसे मामलों पर कार्रवाई होती रही है।
गौरतलब है कि कोडरमा रेलवे स्टेशन पर छह माह पूर्व नई दिल्ली से हावड़ा जा रही दूरंतो एक्सप्रेस में एक बीमार यात्री का इलाज किया गया। रेल मंत्री के ट्विटर पर ट्रेन में सफर कर रहे परिजनों ने इसकी सूचना दी। गया जंक्शन से ट्रेन खुलने के बाद कोडरमा स्टेशन पर ठहराव नहीं होने के बावजूद ट्रेन को रोका गया और इलाज कराया गया।
वहीं एक अन्य घटना में जमशेदपुर निवासी एक युवक द्वारा रेल मंत्री को ट्वीट करने के बाद कोडरमा रेलवे स्टेशन पर उनके माता-पिता से बात कराई गई। मालूम हो कि युवक ने ट्वीट किया कि उनके माता-पिता से मोबाइल पर बातचीत नहीं हो पा रही है। लोकेशन के बाद रेल मंत्रालय ने पाया कि उक्त ट्रेन कोडरमा पहुंचने वाली है और स्टेशन प्रबंधक को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद संबंधित बोगी में स्टेशन प्रबंधक पहुंचे और अपने मोबाइल से युवक को उनके माता-पिता से बात कराई। स्टेशन प्रबंधक एमके सिंह ने बताया कि यात्री के मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई थी। वहीं एक महिला को प्रसव की पीड़ा की सूचना पर कोडरमा स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम को भेजा गया।
धनबाद रेल मंडल में भी डीआरएम एवं पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर के जीएम के ट्विटर पर भी शिकायत करने पर तत्काल निदान होता है। वहीं धनबाद रेल मंडल से प्रतिदिन चार से छह शिकायत आती हैं। इसके अलावा यात्रियों के लिए टोल फ्री नंबर 138 एवं 182 जारी किए गए हैं। हेल्प लाइन 138 पर यात्री यात्रा के दौरान कोच में साफ-सफाई, रख-रखाव, कैटरिंग, मेडिकल, इमर्जेसी से जुड़ी शिकायतों कर सकते हैं। वहीं 182 पर सुरक्षा संबंधी शिकायत की जाती है जिसका निदान आरपीएफ करता है।


 

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