बिहार
सरकारी संपत्ति की क्षति मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित
By Deshwani | Publish Date: 31/3/2017 4:56:52 PM
सरकारी संपत्ति की क्षति मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित

प्रतीकात्मक फोटो

किशनगंज, (हि.स.)। एडीएम व एएसपी द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एसपी ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है । रिपोर्ट आने के बाद लापरवाह पुलिसकर्मियों से जुर्माना वसूला जाएगा और साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। कार्रवाई की जद में थानाध्यक्ष, मालखाना प्रभारी से लेकर होमगार्ड जवान व चौकीदार तक शामिल हैं । एडीएम व एएसपी की जांच रिपोर्ट में पोठिया थाना कांड में सरकारी संपत्ति की क्षति का आकलन किया गया है । जांच रिपोर्ट में शामिल आकलन में मालखाना के प्रदेश समेत जलाए गए सरकारी वाहनों व हथियारों की विवरणी के साथ संबंधित पुलिस कर्मियों व होमगार्ड जवानों की लापरवाही का उल्लेख किया गया है। लिहाजा एसपी राजीव मिश्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है । जानकारी के अनुसार कोर्ट ऑफ इंक्वावरी में डीएसपी, सार्जेंट मेजर व आरमर (हथियार विशेषज्ञ) शामिल होंगे । इनकी जांच रिपोर्ट के बाद उपद्रवियों के द्वारा जलाए व लूटे गए हथियार तथा कारतूस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों से जुर्माना वसूला जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, होमगार्ड जवानों का अनुबंध रद्द कराया जाएगा और क्षतिपूर्ति की राशि प्रदेश के मालखाना प्रभारी से वसूली जाएगी तथा उनपर अलग से विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी । 

तत्कालीन थानाध्यक्ष मनु प्रसाद पर घटना के दिन ही एसपी राजीव मिश्र के निर्देश पर निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई चल रही है । इसी साल 11 फरवरी को बुधरा निवासी राजू हांसदा की पुलिस पिटाई से मौत की अफवाह पर भड़के आदिवासियों ने शनिवार को परंपरागत हथियारों के साथ जिले के पोठिया थाने पर हमला कर दिया । गुस्साए आदिवासियों ने पुलिसकर्मियों की पिटाई करने के बाद थाने में आग लगा दी। जीप, मोटरसाइकिल के साथ वैन को भी आग के हवाले कर दिया। इसे देखते हुए पुलिसकर्मियों ने छह राउंड हवाई फायरिंग की और किसी तरह जान बचाकर थाना छोड़कर भाग गए । उपद्रवियों ने एक पुलिसकर्मी से रायफल व मैगजीन भी छीन ली । बाद में रायफल तो थाने से सौ मीटर दूर खेत में मिल गया लेकिन मैगजीन का पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलने पर शाम 4.15 बजे डीएम व एसपी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन उपद्रवियों का आक्रोश देख दोनों अधिकारी दो घंटे तक रेलवे लाइन किनारे खड़े होकर पूरा माजरा ही देखते रहे और थाना परिसर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हालांकि अंधेरा होने पर मौके पर पहुंचे डीएम पंकज दीक्षित व एसपी राजीव मिश्र ने थानाध्यक्ष मनु प्रसाद को निलंबित करते हुए मामले की जांच कराने का आदेश दिया। तीर-धनुष,हसिया,लाठी-डंडे से लैस सैकड़ों की संख्या में आदिवासी दोपहर दो बजे से शाम सवा छह बजे तक डुगडुगी पीटते हुए थाना परिसर में उत्पात मचाते रहे। इस बीच कोई भी अधिकारी व पुलिसकर्मी थाना परिसर के आसपास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हालांकि लगातार बिगड़ती जा रही स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने स्थानीय आदिवासी नेता से बातचीत कर उनसे मध्यस्थता करने की अपील की व दो लोगों को भेज और बीमार राजू हांसदा से मिलकर दो लोगों को भेजकर मामला शांत कराने की कोशिश की। इस बीच एसडीएम मो.शफीक माइकिंग कर शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिश करते रहे हालांकि बाद में डीएम और एसपी की सूझबूझ से मामला को शांत करा लिया गया।
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