खुंटी
सात दशक बाद भी नहीं बदली उलिहातू की तस्वीर
By Deshwani | Publish Date: 19/7/2017 11:16:01 AM
सात दशक बाद भी नहीं बदली उलिहातू की तस्वीर

खूंटी, (हि.स.)। अपनी वीरता और देश प्रेम के कारण भगवान की तरह पूजे जाने वाले बिरसा मुंडा के नाम पर हर दल अपनी राजनीति चमकाता रहा है। जेल, सड़क से लेकर जूते की दुकान तक बिरसा मुंडा के नाम पर चल रहे हैं, लेकिन उनकी जन्मस्थली उलिहातू की सुधि आज तक किसी ने नहीं ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर छह-छह मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक धरती आबा की जन्मभूमि के सर्वांगीण विकास और सबको पक्का आवास दिलाने का आश्वासन दे चुके हैं। 
इसके बावजूद आज भी गांव की वही तस्वीर है, जो सौ साल पहले थी। गांव वालों के वही टूटे-फूटे खपरैल मकान और कच्ची सड़कें। हां खूंटी-तमाड़ रोड से उलिहातू तक अच्छी सड़क जरूर बन गयी है और एक आवासीय विद्यालय भी चल रहा है। इसके बावजूद आज भी गांव के लोग बिजली, पानी, चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे हैं। विकास की तमाम योजनाएं सरकारी फाइलों के मकड़ जाल में फंसी हुई हैं। गौरतलब है कि 13 अगस्त,2016 को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शहीद सम्मान कार्यक्रम को लेकर उलिहातू का दौरा किया था और ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि शहीद ग्राम विकास योजना के तहत उलिहातू के सभी ग्रामीणों को पक्का मकान मिलेगा और यहां हर सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि छह महीने के अंदर सभी के आवास बन कर तैयार हो जायेंगे, पर एक साल गुजर जाने के बाद भी मकान तो क्या, निर्माण के नाम पर एक ईंट तक गांव में नहीं गिरी है। गांव वाले कहते हैं कि जब सरकार आजादी के 70 साल और राज्य गठन के 17 साल बाद भी बिरसा मुंडा के वंशजों को ही कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकी है, तो गांव के अन्य लोगों के बारे में बात करना ही बेमानी है। 
बिजली-पानी भगवान भरोसे
उलिहातू गांव में कहने को तो प्रशासन द्वारा बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है लेकिन न बिजली का भरोसा है और न ही पानी का। बिजली कभी आ भी जाये तो वोल्टेज की समस्या के कारण जलापूर्ति प्रभावित रहती है। बिरसा मुंडा आवासीय विद्यालय के छात्र शिक्षकों की कमी का रोना बरसों से रो रहे हैं लेकिन अब तक शिक्षकों के स्वीकृत पदों पर पदस्थापना नहीं हो सकी है। गांव के स्वास्थ्य केंद्र के भी स्थिति कमोवेश ऐसी ही है। 
नेताओं पर कौन भरोसा करेगा: सुखराम मुंडा 
नेताओं की घोषणा की चर्चा होते ही बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा भड़क जाते हैं और कहते हैं कि इन बातों को छोड़िये। गांव के विकास की चिंता न किसी नेता को है और न ही राजनीतिक दलों को। सब को अपनी राजनीति चमकाने के लिए बिरसा मुंडा के नाम की जरूरत है। सुखराम मुंडा कहते हैं कि नेताओं द्वारा गांव के विकास और रोजगार देने की बात सुन-सुन कर कान पक गये हैं। अब तो गांव वालों को किसी की बात पर भरोसा नहीं है। वे कहते हैं कि कौन पार्टी वाला नहीं आता है? सबका काम गांव वालों को झूठे सपने दिखा कर राजनीति करना है। सही में ऐसे लोग भगवान बिरसा मुंडा का अपमान कर रहे हैं। 
योजनाएं तैयार हैं, स्वीकृति के लिए फाइल भेजी गयी है 
केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी अब तक उलिहातू में विकास योजनाओं की शुरुआत नहीं होने के संबंध में डीसी डॉ मनीष रंजन कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव के सभी 146 लोगों को पक्के मकान दिये जायेंगे। सभी घरों में शौचालय बनाये जा रहे हैं। गांव में प्रशिक्षण केंद्र के साथ सभी विकास योजनाएं बहुत जल्द धरातल पर उतारी जायेंगी। डीसी ने कहा कि योजनाओं की स्वीकृति के लिए फाइल विभाग को भेजी गयी है। स्वीकृति मिलते ही योजनाएं शुरू हो जायेंगी।
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