बिहार
सरकारी उदासीनता के कारण सदर अस्पताल मूलभूत सुविधाओं से वंचित
By Deshwani | Publish Date: 1/4/2017 5:49:05 PM
सरकारी उदासीनता के कारण सदर अस्पताल मूलभूत सुविधाओं से वंचित

प्रतीकात्मक फोटोः सदर अस्पताल

कटिहार, (हि.स.) । गरीबों का लाइफ लाईन माने जाने वाला सदर अस्पताल कटिहार सरकारी उदासीनता के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है । न्यूरो और हृदय रोग सहित गंभीर बीमारियों से शिकार मरीजों को इलाज के लिए लाखों रूपयें की लागत से बनाया गया गहन चिकित्सा केन्द्र बेकार साबित हो रहा है। 

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने पांच वर्ष पूर्व सदर अस्पताल परिसर में गहन चिकित्सा केन्द्र का उद्घाटन किया था । ताकि यहां के मरीजों को गंभीर इलाज के लिए कटिहार से बाहर जाना नही पड़े । चिकित्सक व कर्मियों के अभाव में आईसीयू का संचालन नही होने के कारण लाखों रूपयें की उपकरण खराब हो रहे हैं । इससे गरीब और लाचार मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं । पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल कटिहार को उत्क्रमित करते हुए 120 बेड से 300 शैश्या वाली अस्पताल बनाने का निर्णय लिया था । लेकिन अभी तक इसपर अमल नही हो पाया है । चिकित्सा पदाधिकारी व परिचारिकाओं को आईसीयू पटना भेजकर प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है लेकिन इनसे अन्यत्र कार्य लिया जा रहा है । 
सदर अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था एवं मरीजों को हो रहे परेशानियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कटिहार सदर विधायक तारकिशोर भगत ने कहा कि बिहार विधानसभा के चालू सत्र के शून्य काल के दौरान सदर अस्पताल कटिहार के आईसीयू की बदहाली की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। सिविल सर्जन की लापरवाही के चलते सदर अस्पताल का आईसीयू वर्षो से बंद पड़ा है । आईसीयू में लगे उपकरण खराब हो रहे हैं । प्रसाद ने स्वास्थ्य मंत्री से इस ओर शीघ्र पहल करते हुए गंभीर रोगियों के हित में इसे चालू करने की मांग की है। 
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