झारखंड
प्रशासनिक आदेश के बाद भी बंद नहीं रहे बोकारो के स्कूल
By Deshwani | Publish Date: 12/1/2018 8:42:30 PM
प्रशासनिक आदेश के बाद भी बंद नहीं रहे बोकारो के स्कूल

बोकारो, (हि.स.)। बोकारो में निजी स्कूलों की मनमानी के साथ-साथ सही तरीके से सूचना संप्रेषण में शिक्षा विभाग की शिथिलता का मामला एक फिर सामने आया है। बोकारो में कड़ाके की ठंड को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा 12 एवं 13 जनवरी को यहां के सभी स्कूलों (सभी कोटि के) में कक्षा- 1 से 8 तक के लिये अवकाश का आदेश गुरुवार को जारी किया गया था। लेकिन अगले दिन शनिवार को उक्त आदेश की धज्जियां सरेआम उड़ती नजर आयी। बोकारो इस्पात नगर, उपशहर चास सहित जिले की विभिन्न जगहों में कई स्कूल खुले रहे और नन्हें विद्यार्थी ठिठुरती हालत में स्कूल जाने को विवश रहे। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय, बोकारो के ज्ञापांक- 75, दिनांक- 11.01.2018 में स्पष्ट तौर से वर्णित था कि वर्तमान में कड़ाके की ठंड को देखते हुए बोकारो जिले में अवस्थित सभी कोटि के सरकारी, निजी अथवा अल्पसंख्यक विद्यालयों में 12.01.2018 से 13.01.2018 तक वर्ग 01 से 08 तक का पठन-पाठन कार्य स्थगित किया जाता है। शिक्षक विद्यालय में रहेंगे तथा दिनांक 14.01.2018 से 21.01.2018 तक विद्यालयों का संचालन 10.00 बजे पूर्वाह्न से 2.00 बजे अपराह्न तक किया जाता है। उक्त आदेश की प्रतिलिपि जिला अधीक्षक ने सभी क्षेत्र के शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी तथा सभी विद्यालय प्रभारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई कृतार्थ प्रेषित किया था, परंतु इसके बावजूद उक्त आदेश का अनुपालन अधिकांश विद्यालयों ने नहीं किया। जिले के बोकारो थर्मल, कथारा, गोमिया, फुसरो, भंडारीदह, बेरमो सहित कई स्थानों पर अधिकांश स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चे स्कूल जाते दिखे।
 
 
स्कूलों को नहीं मिल पाती सूचना
आज के इस सूचना क्रांति युग में भी जिले का शिक्षा विभाग आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में कितना विफल है, इसकी बानगी शनिवार को सामने आयी। सेक्टर-3 स्थित एक निजी विद्यालय के लोगों ने प्रशासनिक आदेश के बावजूद स्कूल खुले रहने के के बारे में पूछने पर बताया कि उन्हें प्रशासन के किसी आदेश की कोई जानकारी नहीं मिली। एक विद्यालय ने कहा कि उसे आज तक अाकस्मिक अवकाश को लेकर कभी प्रशासन का कोई लिखित आदेश मिला ही नहीं है। यह कहीं न कहीं विभाग के लचर सूचना-तंत्र को उजागर करता है। स्कूलों द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना तथा विद्यालयों को सही तरीके से जानकारी नहीं मिल पाने का कारण पूछने पर उपायुक्त राय महिमापत रे ने कोई जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।
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