झारखंड
रघुवर सरकार के 1000 दिन पर झारखंड को दूंगा तोहफा : गडकरी
By Deshwani | Publish Date: 11/9/2017 4:39:06 PM
रघुवर सरकार के 1000 दिन पर झारखंड को दूंगा तोहफा : गडकरी

 रांची। केंद्रीय भूतल परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी झारखंड दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने आज चास - रामगढ़ 77 किमी सड़क का लोकार्पण किया। वहीं नौ सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि रघुवर दास की नेतृत्व में झारखंड की सरकार 1000 दिन पूरे करने जा रही है। आप 1000 दिन पूरे कर रहे हैं तो मैं अपने विभाग की ओर से अक्टूबर के अंत तक झारखंड को 1000 किमी सड़क उपहार दे रहा हूं।

नितिन गडकरी ने आज बरही-कोडरमा, बीजूपाड़ा -कुरू, पिस्‍का मोड़-पलमा, राजगंज से पश्चिम बंगाल सीमा, कचहरी चौक से बीजूपाड़ा, देवघर-मधुपुर, पीरपौंती, गोड्डा, मधुपुर-गिरिडीह व गोड्डा-पंचवारा राजमार्ग के भूमिपूजन कार्यक्रम में आये थे। इनके निर्माण कार्य में 2500 करोड़ की लागत आयेगी।  वहीं, केंद्रीय मंत्री ने आज 333 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चास से रामगढ़ राजमार्ग का लोकार्पण किया।
 
सभा को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि रघुवर दास ने झारखंड का विकास भ्रष्टाचार मुक्त और रोजगार का सृजन करने वाला झारखंड दिया है। इस बात के लिए मैं शुभकामना देना चाहता हूं। भारत धनवान देश है लेकिन जनता गरीब है। चुनाव के वक्त जाति के नाम पर वोट मांगा जाता है। लोग पिछड़ापन और जाति के नाम पर सत्ता हथियाते हैं और फिर अपना विकास करने लगते हैं। झारखंड में यही दुष्च्रक चल रहा था। रघुवर दास ने इस दुष्चक्र को रोकने का काम किया है। सरकार के गरीब पिछड़े, शोषित, दरिद्र नाराय़ण को भगवान के रूप में माने और निरंतर सेवा करें। जिस दिन उस अंतिम आदमी तक खाना और वस्त्र मिलेगा। उसी दिन दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का सपना पूरा होगा। यही भाजपा की राजनीति सिद्धांत भी है।
 
गांवों की गरीबी का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा गांवों में चलने के लिए अच्छे रोड नहीं है। बिजली नहीं हैं. पीने के लिए पानी नहीं है। क्यों नहीं मिल पाया ? यह जनता को विचार करना चाहिए। झारखंड में खनिज संपदा है। इसे देश का पहले क्रमांक का राज्य बनना चाहिए. झारखंड में तीन मेडिकल कॉ़लेज बने। अस्पताल ऐसे है जो डॉक्टर है, तो नर्स नहीं, नर्स है तो डॉक्टर नहीं है। अगर नर्स - डॉक्टर दोनों है तो दवा नहीं। किसी सरकार का मूल्यांकन करना है तो एक ही तरीका है आप यह देखे कि उस सरकार ने क्या काम कर दिखाय़े हैं। बोलने से नहीं काम से मूल्यांकन होना चाहिए। यही कसौटी है। 
 
राज्य के विकास में  शिक्षा और स्वास्थ्य में कितना काम हुआ है। इससे ही विकास मापा जा सकता है। गांव में स्थिति खराब है, रोजगार के लिए ग्रामीण शहर भाग रहे हैं। 35 प्रतिशत गांव की आबादी कम हुई है। गांवों में लोग रहना नहीं चाहते हैं. आज गांव के लोग रांची में रहना चाहते हैं। बेंगलोर जाना चाहते हैं। किसानों को गांवों में उचित कीमत नहीं मिल पाता है. इस देश का दुर्भाग्य है आजादी के बाद एक ही परिवार का शासन रहा है। परिवारवाद की राजनीति ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री के पेट से प्रधानमंत्री पैदा होगा, सीएम के बेटा, सीएम होगा.एमपी के पेट से पैदा होगा तब बेचारे कार्यकर्ता और जनता कहां जायेंगे। हमारे प्रधानमंत्री वंशवाद के सख्त विरोधी है। जब प्रधानमंत्री पार्लियामेंट्री कमिटी का सदस्य थे तो हमलोगों ने विचार किया था कि वंशवाद को खत्म करना है। अगर कोई नेता का बेटा राजनीति में आया है तो गुनाह नहीं है लेकिन उसे टिकट तब ही मिलना चाहिए। जब जनता चाहती है न कि उसके मां - बांप।
 
इस देश में भ्रष्टाचार का दीमक लगी थी। भारत को भय, भूख और भ्रष्टाचार से मुक्त करूंगा। सरकार के तीन साल के शासन में कोई आरोप नहीं लगे। मैं अपने विभाग में साढ़े छह लाख करोड़ का काम दे चुका है। एक भी ठेकेदार को ऑफिस नहीं आना पड़ा। क्योंकि हम विकास चाहते हैं। हमारा ध्यान सिर्फ विकास पर हैं। मैंने नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत से बात की। मैने कहा कि कोय़ले से मिथेनॉल बनेगी तो गैस 50 रुपये कम होगी. गंगा में स्टीमर झारखंड के इथेनॉल से लेकर चलेगी. पेट्रोल और डीजल की बात बंद करो। इथेनॉल की बात करो. कल महिन्द्रा ने इलेक्ट्रिक रिक्शा तैयार की। अब टेक्नोलॉजी हमारे पास है। एक समय बिजली की कमी थी। कोयले की कमी थी. दिसबंर तक देश में इलेक्ट्रिक कार होगी। मैं नागपुर में 20 इलेक्ट्रिक चार्जिंग लगाया हूं। 
 
दूसरा निर्णय किया है सेकेंड जेनरेशन इथेनॉल का। पुआल से गैस तैयार होगा। इस देश के आयात को बंद करना है। इनोवेशन करना है। नये खोज करेंगे। प्रयोग करूंगा. मेरे पास आ जाइये, मैं यह सब दिखाऊंगा। वह भी खराब कोयले की क्वालिटी से मिथेनॉल तैयार होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। राजनीति करके पैसा नहीं कमाना है। अगर पैसा कमाना है तो अलग बिजनेस कीजिये।
 
रघुवर जी भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करे और पांच साल में एक लाख करोड़ सड़क का काम पूरा होगा। मैं कभी वित्त मंत्री से पैसा नहीं मांगता। ये जो एनएचआई के चेयरमैन हैं उनके पास 10 लाख करोड़ की ताकत हैं। मेरे मंत्रालय के पास पैसा की कमी नहीं है। हम एनएचएआई के तरफ से काफी काम कर रहे हैं। मैं जानता हूं आपकी दुखती रग है, रांची - जमशेदपुर का काम। लेकिन उसका भी जल्द हल ढूंढ निकालूंगा। फोरलेन सड़क के लिए घर तोड़ने का काम करना होगा। मेरी कोशिश होती है। कोई भी एम पी, मंत्री हो सबकी मांग पूरे कर देते हैं। निशिकांत दूबे जी हैं पीछे पड़े रहते हैं। मैं देवघर - बासुकीनाथ का काम जल्द शुरू करूंगा।  जहां तक बात रोड के लिए घर तोड़ने का है। मैं तोड़ने में माहिर हूं। अगर फोरलेन बनाना है, तो तोड़ना ही पड़ेगा। तीन लेन बनाना है तो तुरंत काम शुरू हो जायेगा। 
 
पीएम मोदी ने नया मंत्री पद दिया है। मैंने कहा था कि मेरे पास समय की कमी है। मुझे और काम नहीं दीजिए। जब नहीं माने तो मैंने कहा वैसा काम दीजिए जो कही नहीं हो रहा है। जल संसाधन मंत्रालय मुझे दिया गया है। हर साल देश में बाढ़ आते हैं,  रिवर कनेक्टिविटी इसका समस्या है। मु रिवर कनेक्टिविटी की तीस योजनाएं है। आने वाले तीन महीने में पांच परिय़ोजना शुरू करने जा रहा हूं। कोई पानी हम भगा नहीं रहे हैं एडिशनल पानी को दूसरे जगह भेज दूंगा। जबतक झारखंड में 50 टके सिंचाई नहीं होती है। तबतक फसल में दोगुना वृद्धि नहीं हो सकता है। हमारे यहां महाराष्ट्र सिंचाई 22 प्रतिशत है। आप आखिरी नंबर पर है। हम महाराष्ट्र आपसे एक पायदान ऊपर है। 
 
मौके पर मौजूद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ऐसे झारखंड का निर्माण होगा। जहां भय न हो ,जहां कोई बिना दवा के न रहे, अन्याय से मुक्त राज्य बनेगा। संसाधनों की कोई कमी नहीं है। यहां पूंजी है, प्रतिभा है, मेहनती किसान है। राज्य में कोई कमी है तो झारखंड की हित को सर्वोपरि रखकर काम कर राजनीति की कमी है। हम इंफ्रास्ट्क्चर पर ज्यादा से ज्यादा विकास चाहते हैं। झारखंड का विकास दर 8.2 प्रतिशत है। गुजरात के बाद सबसे ज्यादा विकास दर वाला राज्य है झारखंड। राज्य में   योजना खर्च का 97 प्रतिशत व्यय हुआ है। यह ईमानदारी, पारदर्शिता का, रोजगार में वृद्धि के 1000 दिन है. हम सड़क निर्माण के क्षेत्र में माननीय गडकरी जी की सहयोग से पथ घनत्व में अभूतपूर्व वृद्धि की है। मैं गडकरी जी से अनुरोध करता हूं कि देवघर बासुकीनाथ का शीघ्र निर्माण हो, डीपीआर बनाकर भेज दिया गया है। गढ़वा बाइपास की भी निर्माण भी स्वीकृत किया जायेगा। राष्ट्रीय औसत के मापदंड में झारखंड सड़क पीछे हैं। जैसा आप हर जगह कहते हैं झारखंड सिंचाई में पीछे हैं। आप जल संसाधन मंत्री है, उम्मीद है झारखंड में अब सिंचाई की शिकायत नहीं होगी। हमने लक्ष्य निर्धारित कर 2018 तक झारखंड में सब घरों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा करेंगे।
 
 
 
 
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