बिहार
बिहार रेल हादसा: मालगाड़ी से कटकर आठ की मौत, छह घायल
By Deshwani | Publish Date: 1/5/2017 1:40:44 PM
बिहार रेल हादसा: मालगाड़ी से कटकर आठ की मौत, छह घायल

 पटना/शेखपुरा। बिहार के दानापुर रेलमंडल अंतर्गत लखीसराय जिले में गया-किउल रेलखंड पर सिरारी गुमटी के निकट रेल पटरी से गुजर रहे आठ लोगों की मौत मालगाड़ी से कटकर हो गई। यह हादसा रविवार देर रात हुआ । हादसे की वजह यह बताई जा रही है कि रेल पटरी से गुजर रहे लोग तेज आंधी और तूफान की वजह से मालगाड़ी को नहीं देख सके और उस की चपेट में आ गए । वहीं इस घटना में छह से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी को सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है। मरने वालों में सिसमा और महासोडा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

 
शेखपुरा पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने यहां सोमवार को बताया कि किऊल-गया रेलखंड के सिरारी स्टेशन के पास रविवार की रात रेलवे पुल पार कर रहे आठ लोगों की मालगाड़ी से कट कर मौत हो गई । हादसे में छह से ज्यादा लोग जख्मी हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है। ये सभी सिरारी स्टेशन पर किऊल-गया पैसेंजर ट्रेन से उतर कर ट्रैक से होकर अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान वे शेखपुरा की ओर से आ रही एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए। रेलवे पुल पर रास्ता नहीं होने के कारण लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। 
 
देर रात छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय सदर अस्पताल में भेजा गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर लखीसराय के जिलाधिकारी (डीएम) सुनील कुमार और एसपी अशोक कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं, मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए राशि देने का एलान किया गया । घटनास्थल पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखीसराय के डीएम व एसपी के अलावा शेखपुरा और लखीसराय जीआरपी के साथ-साथ दोनों जिलों के लगभग एक दर्जन थानों की पुलिस कैंप कर रही है।
हादसे के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनो का परिचालन बंद कर दिया गया है । रेल सूत्रों ने बताया कि देर रात रामपुर हाट से चल कर गया की ओर जानेवाली सवारी रेलगाड़ी को स्थगित कर दिया गया है । इसके साथ ही अगली सुबह आनेवाली ट्रेनों के परिचालन को लेकर वरीय अधिकारियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस हादसे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया है और इस रेलमार्ग पर परिचालन बंद करने की चेतावनी दी है ।
दानापुर मंडल के डीआरएम आरके झा ने फोन पर बताया कि यह गलती रेलवे की नहीं, बल्कि लोगों की है। जिन लोगों के साथ दुर्घटना हुई, वे ट्रैक पर जा रहे थे, जो नियमानुसार गलत है। जबकि ट्रैक से सटे सड़क मार्ग की भी सुविधा थी। यही वजह है कि रेलवे ने मुआवजे की मांग को ठुकरा दिया है । हालांकि, घटना कैसे हुई, इसकी जांच का आदेश दिया गया है । अगर रेलवे की ओर से लापरवाही होगी, तो इसके जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। 
मृतकों में लखीसराय जिले के सिसमा गांव निवासी सरोजनी देवी व उसका 10 साल का पुत्र व आठ साल की बेटी, दमरियां गांव निवासी मंगल यादव, उसके भाई की पत्नी आशा देवी व भतीजा पुरुषोत्तम कुमार, मसौढ़ा गांव निवासी मीना देवी, सुरेश यादव शामिल हैं । वहीं, किशोरी राम की पुत्री झुन्नी कुमारी को पटना रेफर किया गया है।
 
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