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शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का नाम है योग
By Deshwani | Publish Date: 21/6/2017 9:59:06 AM
शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का नाम है योग

 लखनऊ, (हि.स.)। पूरी दुनिया बुधवार अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस मौके पर देश-विदेश में योगाभ्यास के विभिन्न आयोजन हो रहे हैं। देखा जाए तो आमतौर पर लोग मानते हैं कि जिस योग की बात की जाती है, वह सिर्फ शरीर को स्वस्थ और तन्दरूस्त रखने के लिए कुछ शरीरिक आसान हैं। लेकिन असल में योग का अर्थ इससे कहीं ऊपर है। भारत में योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम किया जाता है यानि की वह प्रक्रिया जिसमें हम शरीर, मन और आत्मा के जरिए योग करते है, यानि इन्हें अध्यात्म की प्राप्ति के लिए एक दूसरे के साथ जोड़ते हैं। 

ईश्वर की आराधना से लेकर गीता के उपदेश तक, शरीर को स्वस्थ और स्फूर्तिवान रखने से लेकर तमाम बीमारियों के समाधान तक, आत्मा से लेकर शरीर और मस्तिष्क की शुद्धि तक हर जगह योग है। प्राचीन काल में तमाम कलाओं को साधने और ईश्वर के तप के लिए साधु सन्यासी योग का ही सहारा लेते थे।

 

हर उम्र हर लिहाज से बेहद लाभदायक है योग

आमतौर पर इन्सान किसी चीज़ की ओर तभी आकर्षित होता है, जब उनसे उसे लाभ मिलता है। आज जिस तरह से योग करने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है, वह इस बात का संकेत हैं कि योग के कई फायदे हैं। योग न केवल हमारे शरीर को बल्कि मन और आत्मिक बल को सुदृढ़ और संतुष्टि प्रदान करता है। दैनिक जीवन में योग के कई फायदे हैं। छोटे बच्चे से लेकर बुजर्ग तक सभी के लिए योग बेहद फायदेमंद है। शरीर क्षमताओं एवं लोच के अनुसार योग में किसी परिवर्तन और बदलाव किया जा सकता है। किसी भी स्थिति में योग लाभप्रद होता है।

तनाव से मुक्ति

तनाव अपने आप में एक बीमारी है जो कई अन्य बीमारियों को निमंत्रण देता है। इस तथ्य को चिकित्सा विज्ञान भी स्वीकार करता है। योग का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यह तनाव से मुक्ति प्रदान करता है। योग मुद्रा, ध्यान और योग में श्वसन की विशेष क्रियाओं द्वारा तनाव से राहत मिलती है, यह प्रमाणित तथ्य है। योग मन को विभिन्न विषयों से हटाकर स्थिरता प्रदान करता है और कार्य विशेष में मन को स्थिर करने में सहायक होता है। तनाव मुक्त होने से शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है।

 

सेहत और योग

योग शरीर को सेहतमंद बनाए रखता है और कई प्रकार की शरीरिक और मानसिक परेशानियों को दूर करता है। योग श्वसन क्रियाओं को सुचारू बनाता है। योग के दौरान गहरी सांस लेने से शरीर तनाव मुक्त होता है। योग से रक्त संचार भी सुचारू होता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन निकल आते हैं। यह थकान, सिरदर्द, जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है एवं ब्लड प्रेसर को सामान्य बनाए रखने में भी सहायक होता है।

मानसिक क्षमताओं का विकास

स्मरण शक्ति एवं बौद्धिक क्षमता जीवन में प्रगति के लिए प्रमुख साधन माने जाते हैं। योग से मानसिक क्षमताओं का विकास होता है और स्मरण शक्ति पर भी गुणात्मक प्रभाव होता है। योग मुद्रा और ध्यान मन को एकाग्र करने में सहायक होता है। एकाग्र मन से स्मरण शक्ति का विकास होता है। प्रतियोगिता परीक्षाओं में तार्किक क्षमताओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। योग तर्क शक्ति का भी विकास करता है एवं कौशल को बढ़ता है। योग की क्रियाओं द्वारा तार्किक शक्ति एवं कार्य कुशलता में गुणात्मक प्रभाव होने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

 

शरीर में लोच

योग से शरीर मजबूत और लचीला होता है। योग मांसपेशियों को सुगठित और शरीर को संतुलित रखता है। सुगठित और संतुलित और लोचदार शरीर होने से कार्य क्षमता में भी वृद्धि होती है। कुछ योग मुद्राओं से शरीर की हड्डियां भी पुष्ट और मजबूत होती हैं। यह अस्थि सम्बन्धी रोग की संभावनाओं को भी कम करता है।

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