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जेपी की जन्मस्थली बचाना सरकारों की जिम्मेदारी : डॉ ठाकुर
By Deshwani | Publish Date: 11/10/2017 9:19:46 PM
जेपी की जन्मस्थली बचाना सरकारों की जिम्मेदारी : डॉ ठाकुर

 छपरा,  (हिस) (अपडेट )। राज्यसभा सांसद डा सीपी ठाकुर ने कहा है कि जेपी की जन्म स्थली बचाने की जिम्मेदारी केंद्र व बिहार तथा उत्तर प्रदेश सरकार की है | जेपी को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब ये तीनों सरकार मिलकर कटाव से जेपी की जन्म स्थली को बचा ले | डा ठाकुर ने जेपी के पैतृक गांव सिताब दियारा में आयोजित जेपी की जयंती समारोह में बोलते हुए बुधवार को कहा कि जेपी से मेरा आत्मीय सम्बन्ध था | 1977 में इमरजेंसी के दौरान मैं जेपी का इलाज भी किया हूं | जेपी मेरे पिता तुल्य थे और वे मुझे पुत्र की तरह मानते थे । 

सीवान के सांसद ओमप्रकाश यादव ने कहा है कि देश को लोकतंत्र को जेपी ने स्थापित किया | इसके लिये जन्हें जेल भी जाना पडा है | जेपी आंदोलन में मुझे भी भाग लेने का मौका मिला है | उनके आदर्शों ने मुझे यहां तक पहुंचाया है । जेपी की पवित्र भूमि को नमन करने का मौका मिला है | पड़ोसी जिले में देश का ऐतिहासिक धरोहर है | उन्हीं से प्रेरणा लेकर सीवान को अपराधमुक्त हमने बनाया । 

जयंती के मौके पर छपरा के भाजपा विधायक डा सी एन गुप्ता ने कहा है कि सरकार की गलती को स्वीकार करता हूँ | केंद्र के अलावा दोनों प्रदेशो में हमारी सरकार है | जेपी की जन्मस्थली को कटाव से बचाने के लिए कार्य नहीं किया गया है और यही हालत रही तो कुछ महीनो में सिताब दियारा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा | कटाव से बचाने के लिये सरकार से जो गलती हुई है, उसे मैं स्वीकार कर रहा हूं |

दो माह में नहीं रूका कटाव तो मिट जाएगा सिताब दियारा का अस्तित्व : रूड़ी

पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा है कि अगर दो महीने में बिहार तथा उत्तर प्रदेश की सरकार मिलकर कटाव रोकने के लिए योजना नहीं बनाती है तो अगले साल जेपी जयंती कार्यक्रम यहां नहीं हो सकेगा | रूड़ी लोक नायक जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव सिताब दियारा में आयोजित जेपी की जयंती समारोह में बोलते हुए बुधवार को ये बातें कही । उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से कटाव होते रहा तो जेपी का पैतृक गांव सिताब दियारा सरयू नदी के गर्भ में समाहित हो जाएगा | कटाव के कारण देश की ऐतिहासिक धरोहर समाप्ति के कगार पर है | दोनों राज्यों की सरकार को इस धरती को बचाने के लिए जल्द ही कार्य योजना बनानी चाहिए | ऐतिहासिक धरती होने के कारण केंद्रीय मंत्री अनन्त कुमार दक्षिण से चल कर प्रत्येक वर्ष इसे नमन करने आते है | अगले साल प्रधानमंत्री के जेपी के धरती पर आगमन होने से पहले इस धरती को बचाने के लिए दोनों सरकार मिल कर कार्य योजना बनाए |

बिहार-उत्तर प्रदेश के तटीय गांव समाप्ति के कगार पर :भरत सिंह

बलिया के सांसद भरत सिंह ने कहा है कि सरयू नदी किनारे स्थित बिहार तथा उत्तर प्रदेश के गांवों पर खतरा मंडरा रहा है | सरयू नदी के कटाव के कारण कभी भी सिताब दियारा का खत्म हो सकता है | इस को बचाने के लिए दोनों राज्यों को मिलकर एक योजना बना कर इसे बचाने का प्रयास होना चाहिये | उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन में 19 माह तक जेल में रहा हूं | मैं छात्र जीवन से ही जेपी का अनुयायी हूं | जेपी के आदर्शों पर चलकर आज मैं इस जगह पहुँचा हूं |

केन्द्रीय टीम से कराएं कटाव का सर्वेक्षण : सिग्रीवाल

महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा है कि जेपी की जन्मभूमि सिताब दियारा को बचाने के लिए केंद्रीय टीम से सर्वेक्षण कराकर कार्य योजना बनाकर कार्यान्वित करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक भूमि को बचाया जाना देश के लिए जरूरी है | पिछले साल केंद्रीय कैबनेट से प्रस्ताव पारित कर जेपी स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया था| इसे बचाने का कार्य केंद्र सरकार तथा प्रदेश के साथ - साथ हमारी भी जिम्मेवारी है | जेपी स्मारक, पुस्तकालय देश की धरोहर है|

लोकतंत्र को बचाने में जेपी का योगदान अहम : नित्यानंद

लोकतंत्र को बचाने में लोक जयप्रकाश नारायण ने अहम भूमिका निभाई थी | जब आज़ादी के बाद देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ा, तब भी जेपी ने आंदोलन करके लोकतंत्र की रक्षा की | आजादी की लड़ाई से लेकर लोकतंत्र को बचाने तक की लड़ाई जेपी ने लड़ी | इसी सिताब दियारा से सम्पूर्ण क्रांति की लड़ाई की जेपी ने शुरुआत की थी | उस समय देश की लोकतंत्र खतरे में थी | समारोह में कुलपति डा हरिकेश सिंह, विधायक सुरेन्द्र सिंह, विधान परिषद् के पूर्व उप सभापति सलीम परवेज, जदयू नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री गौतम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश प्रसाद, राणा प्रताप सिंह डब्बू, दिनेश सिंह आदि मौजूद थे।

 
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