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प्रधानमंत्री आवास योजना : पहली बार पहाड़ों पर बन रहे पक्के मकान
By Deshwani | Publish Date: 21/10/2017 3:56:00 PM
प्रधानमंत्री आवास योजना : पहली बार पहाड़ों पर बन रहे पक्के मकान

बड़वानी, (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना बड़वानी जैसे वनवासी बाहुल्य क्षेत्रों की कायाकल्प करने वाली सिद्ध हो रही है । जिले के दुर्गम क्षेत्र सेमलेट जैसे ग्राम में पहली बार आमजनों के पक्के मकानो का निर्माण प्रारंभ हुआ है। आजादी के बाद अभी दो साल पहले ही सेमलेट में पहुंची प्रधानमंत्री सड़क पर अब ट्रेक्टरो के माध्यम से दिन-रात ईंट सहित सीमेंट-सरिया जैसी सामग्री पहुंच रही है। क्योंकि इस दुर्गम क्षेत्र के ग्राम सेमलेट में वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के 276 मकान जो बनना प्रारंभ हुए हैं। 

भारत सरकार की वनबन्धु योजना के तहत भारत के सबसे पिछड़े 10 विकासखण्डाें में सम्मिलित म.प्र. का एक मात्र विकासखण्ड पाटी में प्रधानमंत्री आवास योजना से 3930 मकान बन रहे है। जबकि विकासखण्ड बड़वानी में 1887 मकान, निवाली में 1343 मकान, पानसेमल में 1988 मकान, राजपुर में 2676 मकान, सेंधवा में 2395 मकान, विकासखण्ड ठीकरी में 1546 मकान बन रहे है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्धारित मापदण्ड अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बन रहे 15765 मकानो में से 15680 मकानो को प्रथम किश्त, 13926 मकानो को द्वितीय किश्त तथा 8075 मकानो को तृतीय किश्त का भुगतान अभी तक कर दिया गया है। जबकि 3945 मकानो का कार्य पूर्ण भी हो गया है। इसी प्रकार जिले के दो नगरपालिका एवं 5 नगर परिषद क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 4350 मकान बन रहे है। इसके तहत अभी तक 4113 मकानो को प्रथम किश्त, 542 मकानो को द्वितीय किश्त, 160 मकानो को तृतीय किश्त का भुगतान कर दिया गया है। 

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगरपालिका बड़वानी में 752 मकान, नगरपालिका सेंधवा में 967 मकान, नगर परिषद अंजड़ में 500 मकान, नगर परिषद राजपुर में 250 मकान, नगर परिषद पलसूद में 453 मकान, नगर परिषद पानसेमल में 437 मकान, नगर परिषद खेतिया में 991 मकान बन रहे है।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही को 1.20 लाख की राशि पहले तीन किश्तो में दी जाती थी । किन्तु दो माह पूर्व हुये संशोधन के पश्‍चात अब यह राशि 4 किश्तों में दी जाने लगी है। पूर्व में 40-40 हजार की तीन किश्त का भुगतान क्रमशः स्वीकृति पत्र, नींव स्तर पर तथा छत स्तर पर दिया जाता था । अब पूर्व के समान दो किश्त तो यथावत है किन्तु तृतीय किश्त के रूप में 25 हजार तथा चतुर्थ किश्त के रूप में 15 हजार की राशि दी जाती है। इसके अलावा हितग्राही को शौचालय निर्माण हेतु 12 हजार तथा मनरेगा से मजदूरी भुगतान हेतु 18 हजार की राशि भी पृथ्क से दी जाती है। 

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