ब्रेकिंग न्यूज़
मुजफ्फरपुर से रक्सौल व नरकटियागंज तक रेल परिचालन शुरू, 7 दिनों बाद सभी गाड़ियां होंगी रेगुलर.कोई भारत की तरफ आँख भी नहीं उठा सकता, हमारे पास विश्व के सबसे बहादुर सैनिक : राजनाथ सिंह.डोकलाम विवाद का सकारात्मक हल निकलेगा: राजनाथ सिंहश्रीलंका ने भारत के सामने रखा 217 रनों का लक्ष्य, अक्षर पटेल ने लिये 3 विकेटअमित शाह ने की शिवराज की तारीफ, कहा- बीमारू प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले आयेमुजफ्फरनगर ट्रेन दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रैक पर आज रात 10 बजे तक ट्रेनों का संचालन संभव होगामुजफ्फरनगर रेल हादसाः मेरठ लाइन पर शाम 6 बजे तक ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला गयाकई निर्दोष लोगों की जान लेनेवाला एके 47 जब्त, दीपक पासवान व मुन्ना पाठक सलाखों के पीछे
राज्य
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र निलंबित, चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
By Deshwani | Publish Date: 12/8/2017 4:31:39 PM
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र निलंबित, चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने की घोषणा

गोरखपुर, (हि.स.)। चिकित्सा शिक्षा मंत्री गोपाल टंडन ने बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के बाद अभी और भी कार्रवाइयां हो सकती हैं। चार घंटे तक चले मैराथन बैठक के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री गोपाल टंडन ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की जानकारी के बाद से ही मसले की गंभीरता को समझा जाने लगा था। इस बावत जब बात की गई तब जानकारी में यह बात सामने आई कि पहली अगस्त को डीलर द्वारा लिखे गए पत्र के बाद 5 अगस्त को प्राचार्य के खाते में बकाया भुगतान का धन भेज दिया गया। सात तक प्राचार्य के खाते में धन भी आ गया, बावजूद इसके एजेंसी को धन का भुगतान नहीं हुआ। इसके लिए प्रथम दृष्टया प्राचार्य को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इंटेंसिव केयर यूनिट एवं क्रिटिकल केयर यूनिट के सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि बच्चों की मौत का मामला बहुत गंभीर है। सुबह सीएम ने बुलाकर हमें गोरखपुर आने का निर्देश दिया। इस गंभीर मासले के हर पहलू को ध्यान से देखने को कहा।
हमने पिछले चार घंटे तक मसले को समझने का प्रयास किया है। नौ अगस्त को सीएम गोरखपुर आए थे, बावजूद इसके ऑक्सीजन सप्लाई की समस्या से उन्हें किसी ने अवगत नही कराया था चूंकि यहां बिहार, नेपाल और अन्य प्रदेशो से मरीजों का आना होता है। इसलिए यहां की छोटी से घटना भी बड़ी बन जाती है। उन्होंने कहा कि एक दिन के भीतर 23 मौतों का होना आश्चर्यजनक है। अगस्त 2014 में 567 मौते हुई। 2015 में 668 और 2016 में 887 है। इस तरह से 17 से 18 मौतों का औसत प्रतिदिन का है। यह इसलिए है कि ग्रामीण इलाकों के मरीज अंतिम अवस्था में दवा करवाने को आते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामले के हर गंभीर मुद्दों पर विचार हुआ। इनमे लिवर से जुड़े, इन्सेफेलाइटिस से हुई मौत, इंफेक्शन आदि से भी मौते हुईं हैं। ऑक्सीजन सप्लाई की कमी पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि 10:05 बजे से 01:30 बजे तक सात बच्चों की मौत हुई थी, लेकिन ये मौतें ऑक्सीजन सप्लाई की कमी से नहीं हुई। यह कारण विभिन्न बीमारियों के प्रभाव का असर है।
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS