राष्ट्रीय
गरीबों की जिंदगी में उजाला आए : प्रधानमंत्री
By Deshwani | Publish Date: 16/12/2017 12:57:06 PM
गरीबों की जिंदगी में उजाला आए : प्रधानमंत्री

आइजल, (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहां है कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बावजूद देश के चार करोड़ घरों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। गरीब आज भी 18वीं सदी का जीवन जी रहे हैं। इसलिए गरीबों की जिंदगी में उजाला भरने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबध है। नई परियोजनाओं के जरिए इन सभी घरों को रोशन किया जाएगा। प्रधानमंत्री शनिवार को मिजोरम की राजधानी आइजल के असम राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित तुरियिल जल विद्युत परियोजना के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।

प्रधानमंत्री ने शनिवार को इस 60 मेगावाट वाली तुरियिल जल विद्युत परियोजना का शुभारंभ किया, जिसमें 250 मिलियन यूनिट पन बिजली तैयार होगी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मिजोरम विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता वाला पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य बन गया है। सिक्किम और त्रिपुरा के बाद अब मिजोरम के पास भी खपत के अनुकूल बिजली उपलब्ध होगी। बिजली डिस्ट्रीब्यूशन के आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए 275 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिए गए हैं। जबकि छह नए सब स्टेशन बनाने के लिए 77 करोड़ के मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 11000 घरों को सौभाग्य योजना के तहत सन 2018 तक बिजली से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने विद्युत परियोजना की घोषणा की थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन में देरी होती गई। उनकी सरकार चाहती है कि पूर्वोत्तर राज्य बिजली के उत्पादन में न सिर्फ आत्मनिर्भर बने, बल्कि देश के अन्य राज्यों को भी बिजली की सप्लाई करने लायक इनकी उत्पादन क्षमता हो। उन्होंने पावर ट्रांसमिशन सिस्टम में इजाफा के लिए 10 हजार करोड़ रुपये मुहैया कराने की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी बाजपेयी के उस मूल मंत्र को दोहराया जिसमें बाजपेयी ने कहा था कि राष्ट्रीय विकास के लिए आवश्यक है क्षेत्रीय भेदभाव को दूर करना। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे अधिक साक्षरता वाले तथा सबसे कम जनसंख्या वाले देश के इस राज्य मिजोरम के लोगों से आह्वान किया कि वे नई-नई योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री कहा कि मुद्रा योजना, स्टार्ट अप स्टैंड अप आदि योजना के जरिए स्थानीय युवक नए-नए उद्योग व्यापार विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूटान ने जिस तरह शत प्रतिशत ऑर्गेनिक तथा कार्बन निगेटिव खुद को घोषित किया है। उसी तरह से मिजोरम तथा पूर्वोत्तर राज्य 2022 तक स्वयं को शत प्रतिशत ऑर्गेनिक तथा कार्बन निगेटिव राज्य के रूप में विकसित करने का संकल्प लें। इसके लिए सभी राज्यों को कंधे से कंधा मिला कर काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि इसके लिए ऑर्गेनिक क्लस्टर बनाकर पूर्वोत्तर के 50 हजार किसानों को जोड़ा गया है, जो जैविक खेती कर रहे हैं। वही बांस के उत्पादन ट्रांसपोर्टेशन तथा विपणन के क्षेत्र में लाइसेंस परमिट की जो आवश्यकता होती थी उसे इस सरकार ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब कोई भी किसान बगैर किसी लाइसेंस परमिट एनओसी के बांस का उत्पादन, बांस की आवाजाही और बांस का विक्रय कर सकता है।

उन्होंने इंफाल में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने की योजना की जानकारी दी और कहा कि मिजोरम समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में खेल के प्रति काफी रुझान है। 2014 में पहली बार संतोष ट्रॉफी जीतकर मिजोरम ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया था। मिजोरम के युवकों से उन्होंने आह्वान किया कि वे खेल की दुनिया में अपना नाम रोशन करें। सभी के लिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी, जिसकी शाखा देश के सभी राज्यों के साथ ही विदेशों में भी खोले जाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि सड़क तथा रेल से आइजोल को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। 1385 किलोमीटर 47000 करोड़ की लागत से मिजोरम-सिलचर रेल मार्ग का काम चल रहा है। साथ ही पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। 3800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग तथा 12 सौ किलोमीटर रोड बनाने के लिए 10000 करोड़ तथा 30 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के प्रति हमेशा से ही गंभीर रही है। इसीलिए 15 दिन में एक बार किसी ने किसी केंद्रीय मंत्री को यहां आना सुनिश्चित किया गया है। यही कारण है कि हमारे तीन वर्ष के शासनकाल में केंद्रीय मंत्रियों ने 150 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। मिजोरम में पर्यटन की असीम संभावनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक, जैविक, पारंपरिक, वाइल्ड लाइफ समेत विभिन्न प्रकार के पर्यटन को विकसित करने कि यहां परचूर संभावना है। इस को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 194 करोड़ रुपये पर्यटन विकास के लिए दिए हैं। उन्होंने मिजोरम की राजधानी आइजल में नेशनल पार्क बनाने की योजना की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने मिजोरम के लोगों से अपील की कि वे कंधे से कंधा मिलाकर विकास की गति को आगे बढ़ाएं।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री का शनिवार को मिजोरम की राजधानी आइजोल के हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। जहां, मिजोरम के राज्यपाल निर्भय शर्मा तथा मुख्यमंत्री लाल थनहवला ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उनकी आगवानी कर उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इस 60 मेगावाट वाली तुरियिल पन विद्युत परियोजना का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने एक करोड़ 80 लाख, दो करोड़ तथा एक करोड़ 50 लाख रुपये के तीन चेक स्टार्ट अप मिशन के तहत स्थानीय तीन उद्यमियों को वितरित किए।

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय डोनर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. जितेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डोनर मंत्रालय इस परियोजना के तहत लोगों को सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए 435 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मुहैया कराई है।

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