राष्ट्रीय
अंबेडकर के नाम पर वोट मांगने वालों को याद आ रहे हैं ‘बाबा भोले’ : मोदी
By Deshwani | Publish Date: 7/12/2017 4:12:54 PM
अंबेडकर के नाम पर वोट मांगने वालों को याद आ रहे हैं ‘बाबा भोले’ : मोदी

 नई दिल्ली, (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र का निर्माण कार्य दो दशक से भी अधिक समय तक लटकाने के लिए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों को दबाने और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयाए किए गए लेकिन बाबा साहेब के विचारों को ऐसे लोग भारतीय जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सोमनाथ मंदिर में शिव भक्ति पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल बाबा के नाम पर वोट मांगते हैं उन्हें आजकल ‘बाबा भोले’ ज्यादा याद आ रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात गुरुवार को यहां 15 जनपथ रोड पर नवनिर्मित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (डीएआईसी) के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय केन्द्र की अनावरण पट्टिका के अलावा केंद्र के प्रांगण में अम्बेडकर की विशाल खड़ी और भवन के भीतर बैठी प्रतिमा का भी अनावरण किया। केंद्र को तय समय से पूर्व उद्घाटन का सरकार की उपलब्धि करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस सेंटर को ही देखिए| इसे बनाने का निर्णय लिया गया था 1992 में, लेकिन 23 साल तक कुछ नहीं हुआ। इस सरकार में शिलान्यास हुआ और इस सरकार में लोकार्पण हो रहा है। हमारी सरकार में योजनाएं लटकती और भटकती नहीं हैं। इस सरकार में योजनाओं में देरी को आपराधिक लापरवाही माना जाता है। 
 
बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी बाबा साहेब के ऋणी हैं। हमारी सरकार का ये प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके विचार पहुंचें। विशेषकर युवा पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनका अध्ययन करे। उन्होंने लोगों से गांवों में जाकर विकास देखने का आह्वान करते हुए कहा कि जिन लोगों को गांव गए बहुत दिन हो गए हों, वो अब जाकर देखें। पता लगेगा कि उज्ज्वला योजना ने कैसे इस फर्क को मिटा दिया है| कुछ घरों में पहले गैस कनेक्शन होता था और ज्यादातर घरों में लकड़ी-कोयले पर खाना बनता था। ये सामाजिक भेदभाव का बड़ा उदाहरण था जिसे इस सरकार ने खत्म कर दिया है।
 
मोदी ने कहा कि डीएआईसी बाबा साहेब के विचारों को जनता तक पहुंचाने में एक बड़े प्रेरणा स्थल की भूमिका निभाएगा। ये केंद्र युवा पीढ़ी के लिए वरदान है। अंबेडकर का जीवन संघर्ष के साथ ही प्रेरणा से भरा है। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया को जातियों के बंधन से मुक्त होने की जरूरत है| उसके बिना देश अपेक्षित गति से विकास नहीं कर सकता है। युवा पीढ़ी जानती है कि देश को जाति के नाम पर कौन बांटने की कोशिश कर रहा है|
 
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की विचारधारा के मूल में समानता अनेक रूपों में निहित रही है। सम्मान की समानता, कानून की समानता, अधिकार की समानता, मानवीय गरिमा की समानता, अवसर की समानता, ऐसे कितने ही विषयों को बाबा साहेब ने अपने जीवन में लगातार उठाया। डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ही 'डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोशियो-इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन' का भी निर्माण किया गया है। ये सेंटर सामाजिक और आर्थिक विषयों पर रिसर्च का भी एक अहम केंद्र बनेगा।
 
सामाजिक न्याय और अधिकारित मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि ऐतिहासिक उपलब्धि को तय समय से पहले पूरा किया गया है। यह केन्द्र एक अध्ययनशाला और अनुसंधान केंद के रूप में अम्बेडकर की सोच को जनता के बीच ले जाने का काम करेगा।
 
उद्घाटन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता थावर चंद गहलोत, रामदास अठावले, कृष्णपाल गुर्जर, अर्जुन राम मेघवाल, विजय गोयल, सांसद मनोज तिवारी और उदित राज, भाजपा नेता श्याम जाजू, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
 
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