राष्ट्रीय
भावनगर में पीएम मोदी ने रो-रो फेरी सर्विस का किया उद्घाटन
By Deshwani | Publish Date: 22/10/2017 4:59:29 PM
भावनगर में पीएम मोदी ने रो-रो फेरी सर्विस का किया उद्घाटन

अहमदाबाद/भावनगर, (हि.स.)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को गुजरात के भावनगर से घोघा-दहेज़ रो-रो फेरी सर्विस का उद्घाटन किया | उन्होंने फेरी सर्विस को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में सौराष्ट्र और गुजरात को इतना फायदा होने वाला है | अतीत में रही कांग्रेसी सरकार को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि वह सरकार गुजरात के दरियाई महत्व को समझ नहीं पाई | कांग्रेसी सरकार ने गुजरात के विकास पर जैसे प्रतिबन्ध सा लगा रखा था| 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया भारत और नए गुजरात के निर्माण की दिशा में आज घोघा की जमीं पर से नया उपहार मिलने जा रहा है| घोघा-दहेज के बीच में रो-रो फेरी सर्विस के प्रथम चरण का शुभारम्भ करते हुए कहा कि यह ऐसा प्रोजेक्ट है जो भारत और दक्षिण एशिया के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा | इस प्रोजेक्ट को विविध तरह से अत्याधुनिक टेक्निक के साथ पूर्ण करने हेतु गुजरात की जनता और सरकार को में शुभेच्छा देता हूँ | 
पीएम ने बताया की पहले कच्छ और काठियावाड़ मेंडेयरी न बने ऐसा नियम बनाया था | प्रधानमंत्री ा कि इस मंच पर से सर्वोत्तम डेयरी के केटल फ़ार्म के उदघाटन करने का अवसर प्राप्त हुआ है | गुजरात में पुरानी सरकारों ने ऐसा उल्टा नियम बना रखा था कि कच्छ और काठियावाड़ में एक भी डेयरी नहीं बन पायी | हमारी सरकार के आने के बाद हमने नहीं नए नियम बनाए, बल्कि पुराने नियमों को भी बदल कर नयीडेयरी बन सके ऐसा माहौल खड़ा किया | यहाँ के किसानों और पशुपालकों को अब पूरा पैसा मिलना शुरू हो गया है | आज भावनगर में सर्वोत्तमडेयरी की तरफ से पशुओं के आहार के लिए वैज्ञानिक तरीके से नया अभियान शुरू किया गया है| पशुओं का उत्तम तरीके से रख-रखाव होना चाहिए | हमारे पास पशुधन तो हैं मगर दूध का उत्पादन एकदम कम होता है | आज भावनगर की धरती पर डेयरी के लोकार्पण के बाद किसान को जीवन जीने का अवसर मिलेगा | 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले के ज़माने में यहाँ पर नावें बना करती थी | गुजरात के लोथल में 84 देशों के झंडे लहराया करते थे | वलभी यूनिवर्सिटी में पहले के ज़माने में आज से लगभग 17 सौ वर्ष पूर्व कई देशों के विद्यार्थी यहाँ अभ्यास/पढ़ाई करने हेतु आया करते थे | सब बातें इतिहास की तरह जमीन में दफन हो गयी हैं | आज का यह अवसर घोघा, भावनगर और गुजरात के पुराने दिन वापस लाने में अहम भूमिका अदा करेंगे | इसका प्रभाव दिल्ली और मुंबई को कनेक्ट कर रहे रास्ते पर भी पड़ेगा | एक अभ्यास के अनुसार मालूम पड़ा है कि अगर सामान को लाने-ले जाने की व्यवस्था सड़क के रास्ते की जाती है तो 1.30 पैसा, रेल मार्ग से की जाती है तो 1 रुपये और जल मार्ग से की जाती है तो उसका खर्च सिर्फ 20 पैसा आता है | इस फेरी सर्विस की वजह से देश का समय और पैसा दोनों का बचाव हो सकता है | एक फेरी में 500 यात्री, 100 ट्रकों को और वाहन ले जा सकते हैं | प्रधानमंत्री ने बताया कि जब में गुजरात का मुख्यमंत्री बना तब यह प्रोजेक्ट एक कोने में पड़ा सड रहा था | मेरे नसीब में सभी पुराने बंद प्रोजेक्ट को अमल में लाने का अवसर प्राप्त हुआ है | भावनगर से दहेज़ के बीच के सड़क मार्ग का अंतर लगभग 310 किमी का है, परन्तु इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से अब यह अंतर घटकर सिर्फ 31 किलोमीटर का रह गया है |
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