बिहार
मजबूत बुनियाद से ही शीर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता है : नीतीश कुमार
By Deshwani | Publish Date: 17/10/2017 7:18:48 PM
मजबूत बुनियाद से ही शीर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता है : नीतीश कुमार

पटना, ( हि स )। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों और सुशासन की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार जिस तरह से नई ऊॅचाइयों को हासिल कर रहा है वह अब एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है। 

 
एक निजी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नीतीश कुमार ने मंगलवार को यहाँ कहा कि बिहारियों को इस पर गर्व करना चाहिए कि चाणक्य और चंद्रगुप्त जैसे महान लोगों ने इस पाटलिपुत्र की धरती को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता और प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने एक लक्ष्य रखा था कि राज्य के किसी भी सुदूर इलाके से लोग सड़क मार्ग से छह घंटे में राजधानी पटना पहुंच जायें १ उन्होंने कहा कि उनका यह लक्ष्य अब पूरा हो चुका है।
 
सुदूर इलाके से पांच घन टन में पटना पहुचने के लिये सड़कों के चैड़ीकरण एवं पुल-पुलिया का निर्माण चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्टेट हाइवे को भी दुरूस्त कर दिया गया है और उसकी गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है, साथ में एन0एच0 की मरम्मत पर भी राज्य सरकार ने अपना योदगान दिया है। 
 
बिजली की स्थिति में व्यापक सुधार कि चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 2017 के अंत तक हर बसावट में बिजली पहुंचा दी जाएगी और 2018 के अंत तक हर घर में बिजली का कनेक्शन दे दिया जाएगा। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज स्थापित कर ही उनकी सरकार आगे बढ़ी और बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियाद जब तक मजबूत नहीं होगी, शीर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की साइकिल देने की योजना से राज्य की लड़कियां आगे बढ़कर रोजाना स्कूल आने लगीं और व्यापक परिवर्तन आया।
 
उन्होंने कहा कि पोशाक और साइकिल योजना को छात्राओं के साथ-साथ छात्रों के लिए भी चलायी जा रही है जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। शिक्षकों और स्कूल भवनों की कमी को दूर कर प्राथमिक शिक्षा पर व्यापक रूप से काम किया गया जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है । पहले जहां स्कूलों से 12.5 फीसदी छात्र बाहर रह जाते थे, अब उनकी संख्या घटकर एक फीसदी हो गयी है। 
 
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 28,000 प्राथमिक स्कूल खोले और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एकेडमिक कैलेंडर बनाने का फैसला किया ताकि समय पर उच्च शिक्षा मिल सके1 उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन की समस्या को भी दूर किया गया है । 
 
उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता जगाने की आवश्यकता है।
 
बिहार के विकास और राज्य में आईआईटी स्थापना में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह के योगदान कि चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निफ्ट, चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भी खोले गए। इसी कड़ी में विभिन्न जिलों में एग्रीकल्चर, पोलिटेक्निक, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे ताकि तकनीकी शिक्षा के लिए छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़े। 
 
शिक्षा के क्षेत्र में जाने के लिए युवाओं को प्रेरित करने कि आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश में शिक्षक बनाने का माहौल बनान जरूरे है ताकि शिक्षकों की कमी पूरी की जा सके। 
 
उन्होंने कहा कि बिहार की 76 फीसदी आबादी कृषि पर आधारित है और कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए कृषि रोडमैप बनाया गया है जिससे कि उत्पादकता बढ़ी है। सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 
 
हर हिन्दुस्तानी की थाली में एक बिहारी व्यंजन होने के अपने उद्देश्य कि चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजनाओं की उपलब्धियां गिनाई और कहा कि हर घर नल का जल, हर घर लगातार बिजली, पक्की गली नालियां एवं हर गांव सड़क योजना की शुरुआत की है। 
 
उन्होंने शराबबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी वजह से अब 250 रूपये दैनिक कमाने वाला भी खुश है और गांवों में यह योजना पूरी तरह से सफल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने शराबबंदी के बाद दहेज प्रथा को खत्म करने की मांग की जिसे देखते हुए एक शुरूआत की गई है । उन्होंने कहा कि बिहार में 39 फीसदी बाल विवाह के मामले हैं और दहेज पर पाबंदी लगाकर बाल विवाह में भी गिरावट लायी जा सकती है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह शराबबंदी के समर्थन में चार करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनायी थी उसी तरह 21 जनवरी 2018 को एक बार फिर दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ मानव श्रृंखला बनायी जाएगी ताकि लोगों में व्यापक जनचेतना जगायी जा सके। 
 
उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध को लेकर जीरो टालरेंस की नीति पर चलते हुए उनकी सरकार समाज सुधार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी । हर साल बाढ़ और सुखाड़ झेलने के बावजूद बिहार में निवेश हो रहा है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए उन्हें दिए गए 35 फीसदी आरक्षण के बाद वे अब पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर महिलाएं चलने लगी हैं।
 
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