झारखंड
लोगों और विशेषज्ञों ने सम दिवा रात्रि के सूर्योदय का नजारा देखा
By Deshwani | Publish Date: 23/9/2017 5:20:10 PM
लोगों और विशेषज्ञों ने सम दिवा रात्रि के सूर्योदय का नजारा देखा

हजारीबाग, (हि.स.)।दो मेगालिथ पत्थरों के बीच से सम दिवा रात्रि के सूर्योदय के नजारे का सैकड़ों लोगों और विशेषज्ञों ने अवलोकन किया। बड़कागांव के पंकरी बरवाडीह में सम दिवा रात्रि के सूर्योदय का नजारा देखने के लिए लोग अहले सुबह से ही जुटे थे। मेगालिथ का अध्ययन करने वालों से लेकर पर्यटन विभाग के अधिकारी, खगोलशास्त्री और विश्वविद्यालय के प्राध्यापक छात्र के अलावा स्थानीय लोग भी इस मनोरम दृश्य को देखने जुटे थे। सभी ने मनोरम दृश्य का अवलोकन किया। पर्यटन विभाग के अधिकारी अमिताभ, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश शरण, कुलसचिव डा वंशीधर रुखैयार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक आनंद सहित कई अन्य अधिकारियों ने भी सूर्योदय के मनोरम दृश्य का अवलोकन किया।
केन्द्रीय विश्वविद्यालय के एखलाक अहमद खाँ ने कहा कि उन लोगों ने जैसा सुना था वैसा ही नजारा उन्हें देखने को मिला, हालाँकि अव्यवस्था के कारण वे इस दृश्य को सहेजने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने सरकार से इस मनोरम और ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण पर जोर दिया। इसी विश्वविद्यालय की रोशनी महकमन ने सूर्योदय के दृश्य को मनोरम बताया। 
रांची विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ अलखदेव प्रसाद ने इसे प्राचीन पूर्वजों के सम्मान का प्रतीक बताते हुए इसके संरक्षण व शोध की आवश्यकता बताई। ज्ञात हो कि प्रत्येक वर्ष बड़कागांव के पंकरी बरवाडीह स्थित सम दिवा रात्रि के सूर्योदय का नजारा देखने के लिए 21, 22 मार्च एवं 22-23 सितम्बर को सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। खगोलविद् इसे वेधशाला कह इसे सहेजने की माँग सरकार से की है।
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