अंतरराष्ट्रीय
खतरनाक हैं दुनिया के 6 हवाईअड्डे
By Deshwani | Publish Date: 12/10/2017 8:07:32 PM
खतरनाक हैं दुनिया के 6 हवाईअड्डे

 लंदन, (हि.स.)। दुनिया के छह ऐसे हवाईअड्डों की पहचान की गई है जो ना केवल पायलटों के लिए चुनौती भरे हैं, बल्कि वहां विमानों के डड़ान भरते और उतरते समय यात्रियों की भी सांसें अटक जाती हैं। 

 
आम तौर पर हवाई अड्डे की हवाई पट्टी या रनवे की लंबाई 1800 मीटर से लेकर 2400 मीटर तक होती है, लेकिन जिन छह रनवे को क्योरा यूज़र्स ने चयन किया, वे ना केवल लंबाई में छोटे हैं, बल्कि इनके खतरनाक लोकशन में भी हैं।
 
नेपाल के तेनज़िंग-हिलेरी हवाईअड्डे के रनवे को आप रोमांच का दूसरा नाम कह सकते हैं। यह हिमालय की चोटियों के बीच बसे शहर लुकला में स्थित है और इसके रनवे की लंबाई 460 मीटर है। यहां केवल छोटे विमान और हेलीकाफ्टर ही उतर सकते हैं। रनवे के उत्तर में पहाड़ की चोटियां हैं तो दक्षिण में 600 मीटर गहरी खाई। एक चूक हादसे का सबब बन सकती है।
 
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले लोग इसी हवाईअड्डे पर उतरते हैं। यह दुनिया के सबसे ख़तरनाक हवाई अड्डों में से एक एक है। इससे एकदम अलग है स्कॉटलैंड का बारा हवाई अड्डा जो समुद्र में ज्वार-भाटा आने पर पानी में डूब जाता है। यह हवाईअड्डा अपने आप में ख़ास है, क्योंकि यह ऐसा रनवे है, जहां उड़ानों का समय समुद्री तूफानों के समय से प्रभावित होता है।
 
मालदीव के माले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ान भरना पायलटों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। यह दुनिया का इकलौता ऐसा हवाईअड्डा है जो अलकतरा (एसफ़ॉल्ट) से बना हुआ है और समुद्री तट से केवल दो मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 
 
यह हवाईअड्डा द्वीप के एक छोर से शुरू शुरू होकर दूसरे छोर तक जाता है। पायलट की एक छोटी सी चूक से हवाई जहाज सीधे हिंद महासागर में गिर सकता है। यह दुनिया के चुनिंदा हवाई अड्डों में शामिल है जो पानी से शुरू होकर पानी पर ही खत्म हो जाता है।
 
कैरेबियाई द्वीप साबा के जूयानको ई इरासकिन हवाई पर विमान से उतरना कमज़ोर दिल वालों के लिए नहीं है। इस हवाईअड्डे का रनवे व्यावसायिक उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसके रनवे की लंबाई करीब 396 मीटर है। अमूमन रनवे 1800 मीटर से 2400 मीटर की लंबाई के होते हैं।
 
यह रनवे जितना ख़ूबसूरत है, उतना ही ख़तरनाक भी। यह रनवे एक पर्वतीय चट्टान पर बना है जो तीन ओर से समुद्र में घिरा है और एक तरफ पर्वतीय चोटी मौजूद है। यहां जेट विमान नहीं उतर सकते हैं।
 
वहीं अमरीका का कोलोरेडो स्थित टेलूराइड क्षेत्रीय हवाईअड्डा 2,767 मीटर की ऊंचाई पर है और उत्तर अमरीका का सबसे ऊंचा व्यावसायिक हवाई अड्डा है। टेलूराइड का सिंगल रनवे, रॉकी पर्वत के एक हिस्से पर बना हुआ है। इसके सामने 300 मीटर की गहराई पर सान मिगुल नदी बहती है। हालांकि 2009 में निर्माण कार्य करके इस रनवे को सुरक्षित बनाया गया है. अब यहां बड़े विमान भी उतर सकते हैं। यहां 30 नॉट से ज्यादा की हवा और 15 मील से कम की दृश्यता पर उड़ान भरने की भी इजाजत नहीं है।
 
हांगकांग का काई टाक हवाई अड्डा भी बेहद ख़तरनाक था। इतना ख़तरनाक कि यात्री यहां लैंड करने को ‘काई टाक हार्ट अटैक ’ कहते थे। अब यह हवाई अड्डा इस्तेमाल में नहीं है, लेकिन 1925 से 1998 तक यहां विमान उतरते और उड़ते रहे हैं। यहां से उड़ान भरना या उतरना दुनिया के आश्चर्यों में एक था। इसके दोनों तरफ ऊंची इमारतें थीं। खासकर 747 विमान का उतरना यहां डराने वाला अनुभव था। उड़ान भरते और उतरते वक्त खिड़की वाली सीट से आप लोगों के घरों में आसानी से झांक सकते थे।
 
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