मनोरंजन
कामनवेल्थ गेम्स में कल्पना बिखेरेंगी भोजपुरी की मधुर स्वर लहरियां
By Deshwani | Publish Date: 7/1/2018 8:22:14 PM
कामनवेल्थ गेम्स में कल्पना बिखेरेंगी भोजपुरी की मधुर स्वर लहरियां

मुंबई। देशवाणी न्यूज नेटवर्क


फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 भोजपुरी के लिए सबसे अहम साबित होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजकों ने ब्रिसबेन क्वींसलैंड गोल्ड कोस्ट में होने वाले समापन समारोह के लिए भोजपुरी की प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय लोक गायिका कल्पना पटोवारी को आमंत्रित किया है। इस अवसर पर वे बिहार के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर के लोक संगीत को प्रस्तुत करेंगी। साथ ही वह सम के लोक संगीत भी गायेंगी। इस आशय की जानकारी कल्पना ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह उनके लिए चौथा अवसर है जब भोजपुरी गीत-संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। इससे पहले ‘द लीगेशी ऑफ भिखारी ठाकुर’ को मॉरीशस में वहां के प्रधानमंत्री ने लोकार्पित किया था। इसके बाद लैटिन अमेरिका और नार्वे में उन्होंने भिखारी ठाकुर के गीतों को प्रस्तुत किया। कल्पना ने बताया कि आज के दौर में भोजपुरी लोक संगीत की प्रासंगिकता बढी है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के समारोह में इसे प्रस्तुत कर वह गौरवान्वित महसूस करेंगी।
उल्लेखनीय है कि कल्पना पटोवारी मूल रूप से असम की रहने वाली हैं। भोजपुरी गीत संगीत से उनका जुड़ाव 2002 में हुआ जब मशहूर म्यूजिक कंपनी टी सीरिज ने उन्हें लॉन्च किया। प्रारंभिक दिनों में बाबा बैद्यनाथ को समर्पित एल्बम ‘भंगिया ना पिसाई ए गणेश के पापा’ और पचरा गीत एल्बम भैरो जी के दिदिया’ ने उन्हें पूरे भोजपुर अंचल में लोकप्रिय बना दिया। कालांतर में कल्पना ने कई सोलो एल्बम जैसे ‘गवनवा ले जा राजा जी’ के जरिए भी लोगों के दिल में जगह बनाया। उन्होंने अबतक 30 भाषाओं में दस हजार से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी है।
कल्पना ने बताया की कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान वह भिखारी ठाकुर की रचनाओं को प्रस्तुत करेंगी। भिखारी ठाकुर को अपना आदर्श मानते हुए उन्होंने बताया कि भूपेन हजारिका के लोक संगीत ने उनकी परिवरिश की और यही वजह रही की भोजपुरी गीत-संगीत में उन्होंने भोजपुरी में भूपेन हजारिका के सामाजिक सरोकार और चिंतन की तलाश शुरू की। आरा के बखोरापुर काली मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात रामाज्ञा राम से हुई जो भिखारी ठाकुर के नाच मंडली के सदस्य थे। कल्पना ने बताया कि यहीं से भिखारी ठाकुर के साथ उनका संबंध बना जिसकी परिणति ‘द लीगेशी ऑफ भिखारी ठाकुर’ के रूप में 2012 में हुई। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ‘एंथोलॉजी और बिरहा’ जारी की गई है। यह म्यूजिक एल्बम बिरहा के विभिन्न स्वरूपों पर केंद्रित है।

COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS